कोरोनाः ईरान से आया, फरारी की अफवाह से घबराया, भागा और टेस्ट कराया
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ईरान में मर्चेंट नेवी में काम करने वाला युवक 11 फरवरी को अपने परिवार के पास बनारस आया। हालांकि उसमें कोरोना का कोई संभावित लक्षण नहीं था, मगर पैतृक आवास गाजीपुर में उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने और घर से भागने की अफवाह फैल गई। कई माध्यमों से वायरल होकर बात स्वास्थ्य महकमे तक पहुंच गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी हरकत में आ गए। पुलिस साथ ली और युवक के घर पर जा धमके। चूंकि उसका परिवार बनारस में रहता है, लिहाजा घर पर ताला लगा था। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आसपास जानकारी ली तो लोगों ने युवक कहां है, इस बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया। फिर क्या था, अधिकारियों ने युवक के फरार होने की पुष्टि कर दी।
इस बीच, सीएमओ गाजीपुर से युवक को अपनी फरारी की जानकारी मिली तो वह घबरा गया। वह सीधे दीनदयाल अस्पताल पहुंचा और जांच कराई। उसके सैंपल लखनऊ भेजे गए। जब रिपोर्ट निगेटिव आई, तब जाकर उसे राहत मिलीे। युवक ने बताया कि चूंकि वह नेवी में कार्यरत है, इसलिए औपचारिक जांच के लिए ईरान से वह मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा। इसके बाद ट्रेन से वाराणसी पहुंचा।
बिना जानकारी के ही एक अधिकारी ने फरार होने की पुष्टि कर दी। इससे आसपास के लोग संदेह की नजर से देखने लगे। उसने अपील की कि अफवाहें न फैलाएं, बल्कि सावधानी बरतें। स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
एमबीबीएस के छात्र को तीन बार देने पड़े सैंपल
चीन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले रामनगर क्षेत्र के एक युवक को तीन बार सैंपल देने पड़े। दरअसल, चीन में कोरोना वायरस फैलने के शुरुआती दिनों में ही वह बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचा। इसकी सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उसके बारे में जानकारी जुटाने लगे। युवक के मुताबिक, 14 दिन तक लगातार सीएमओ कार्यालय से जुड़े लोगों ने बातचीत की। बाद में दीनदयाल अस्पताल बुलाकर तीन बार सैंपल लिए। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद राहत की सांस ली।
थर्मल स्कैनर से जांच के बाद होटलों में मिलेगा प्रवेश
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए होटल और रेस्टोरेंट में थर्मल स्कैनर से जांच के बाद प्रवेश दिया जाएगा। विदेशी नागरिकों की पूरी जांच के बाद ही उन्हें होटल में ठहरने की अनुमति होगी। होटल, लॉज और पेईंग गेस्ट हाउस में कोई भी संक्रमित व्यक्ति मिला तो उसे सील किया जाएगा। इसके लिए जिले में 17 टीमों का गठन किया गया है। जिलाधिकारी की ओर से जारी एडवाइजरी का उल्लंघन करने वालों पर विधिक कार्रवाई होगी। इसकी दैनिक रिपोर्ट गठित टीम प्रतिदिन जिलाधिकारी को सौंपेगी।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बुधवार को मंडलायुक्त सभागार में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जारी एडवाइजरी के अनुपालन के लिए गठित टीमों के साथ बैठक की। उन्होंने टीमों को दिशा-निर्देशों के अनुपालन कराने के लिए कार्यवाही का निर्देश दिया। प्रत्येक टीमें दो थाना क्षेत्रों को कवर करते हुए तीन से चार दिन में सभी कार्यवाही करते हुए निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
होटल सहित उन सभी स्थलों की सूची बनाई जाए, जहां विदेशी पर्यटक या विदेश से आये लोग ठहरे हुए हैं। सूचना नहीं देने वाले भवन, होटल एवं आवास को सील कर दिया जाए। स्वीमिंग पूल, जिम, सिनेमाघर, शिक्षण संस्थाएं, कोचिंग बंदी आदेश का उल्लंघन करे तो धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि बीएचयू, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, होटल रनवे इन, संजय मोटल्स, परमानन्दपुर में रैनबसेरा, रेलवे डिवीजनल ट्रेनिग सेंटर, शिवपुर में सीएचसी आदि स्थानों पर कोरेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं।