यूपी: अपराधियों से सांठ-गाठ रखने वाला आरक्षी बर्खास्त, रहता था छुट्टियों पर
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कानपुर के बिकरु में विभाग के विभिषणों के कारण हुई आठ पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या जैसी वारदात के बाद पुलिस ने अपराधियों से सांठगाठ रखने वाले कर्मचारियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत जौनपुर जिले में गुरुवार को एसपी ने एक आरक्षी को बर्खास्त कर दिया।
उस पर अपराधियों से सांठगाठ रखने, दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और बिना किसी सूचना के लगातार अनुपस्थित रहने जैसे कई गंभीर आरोप थे। जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद एसपी ने यह कार्रवाई की है।
जौनपुर जिले के सुजानगंज थाने में तैनात शफीक अहमद को पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव में बलिया भेजा गया था। वहां से 20 मई को आने के बाद पुलिस लाइंस में आमद कराई और सुजानगंज थाने के लिए रवाना हुआ, मगर वहां न पहुंचकर बिना किसी अनुमति के अवकाश पर चला गया। करीब 249 दिन अनुपस्थित रहने के बाद पुलिस लाइंस में आमद कराई।
आरक्षी के मोबाइल नंबर के लोकेशन, संदिग्ध नंबरों से की गई वार्ता और गोपनीय ढंग से कराई गई जांच में आरक्षी अवैध कार्यों में लिप्त पाया गया। उसकी गोतस्करों से संलिप्तता भी उजागर हुई। इस पर 14 जून को उसे कारण बताओ नोटिस देकर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया था। उसका समुचित जवाब नहीं मिला।
जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर एसपी ने गुरुवार को उसे बर्खास्त कर दिया। एसपी अशोक कुमार ने बताया कि आरक्षी शफीब अहमद इसके पूर्व में भी 2007 दिनों तक अनुपस्थित रहा है। विभिन्न आरोपों में उसके विरुद्ध 14 प्रतिकूल प्रविष्टि, अर्थदंड और दो बार एक-एक वर्ष की वेतन वृद्धि, 40 अन्य तरह के दंड दिए जा चुके हैं।
उसका अवैध कार्यों में संलिप्त रहने की पुष्टि हुई है। पुलिस जैसे अनुशासित बल में रहते हुए आरक्षी का यह कृत्य अमर्यादित व घोर निंदनीय है। बार-बार बिना अनुमति अनुपस्थित रहना भी गंभीर कदाचार है। विभिन्न बिंदुओं पर जांच के बाद उसे बर्खास्त किया गया है।