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बीएचयू पर कांग्रेस के ट्वीट से मचा बवाल, विरोध में उतरे शिक्षक और छात्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 19 Jul 2018 01:29 PM IST
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बीएचयू को हिंदुत्व विचारधारा वाला बताया, विरोध में उतरे शिक्षक और छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय भ्रमण के बाद कांग्रेस की ओर किए गए ट्वीट पर विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस की ओर से किए गए ट्वीट में बीएचयू की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करने के साथ ही इसे हिंदुत्व की विचारधारा वाला बताया गया है।
इस पर शिक्षकों, छात्रों ने इसे महामना का अपमान बताते हुए कांग्रेसी नेताओं को माफी मांगने को कहा है। कहा कि विश्वविद्यालय में केवल हिंदू ही नहीं बल्कि सभी जाति, धर्म के छात्र पढ़ते हैं।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से 15 जुलाई को ट्वीट किया कि बहुआयामी पहचान बनाने वाला बीएचयू अब अपनी विश्वसनीयता खोता जा रहा है। अब यह केवल हिंदुत्व विचारधारा को बढ़ावा देने का एक माध्यम बन गया है।
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मोदी सरकार के विकास का भी एक माध्यम है। ट्वीट के माध्यम से यह भी बताने की कोशिश की गई है अगर देश की उन्नति चाहते हैं तो इस विचारधारा वालों को नकारना होगा। कांग्रेस का यह ट्वीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीएचयू भ्रमण और वहां स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक के अगले दिन ही किया गया।
इस ट्वीट पोस्ट से बीएचयू से जुड़े लोगों में कांग्रेस के प्रति गुस्सा है। हर कोई अलग-अलग तरीके से नाराजगी जता रहा है। अब तक इस पर 500 लोगों ने कमेंट किया है, जबकि 842 लोगों ने रिट्वीट किया है जबकि 1902 लोेगों ने लाइक किया है। इधर बीएचयू पर कांग्रेस की इस टिप्पणी के बाद से शिक्षकों, छात्रों सहित अन्य लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है।
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इस पर शिक्षकों, छात्रों ने इसे महामना का अपमान बताते हुए कांग्रेसी नेताओं को माफी मांगने को कहा है। कहा कि विश्वविद्यालय में केवल हिंदू ही नहीं बल्कि सभी जाति, धर्म के छात्र पढ़ते हैं।
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से 15 जुलाई को ट्वीट किया कि बहुआयामी पहचान बनाने वाला बीएचयू अब अपनी विश्वसनीयता खोता जा रहा है। अब यह केवल हिंदुत्व विचारधारा को बढ़ावा देने का एक माध्यम बन गया है।
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मोदी सरकार के विकास का भी एक माध्यम है। ट्वीट के माध्यम से यह भी बताने की कोशिश की गई है अगर देश की उन्नति चाहते हैं तो इस विचारधारा वालों को नकारना होगा। कांग्रेस का यह ट्वीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीएचयू भ्रमण और वहां स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक के अगले दिन ही किया गया।
इस ट्वीट पोस्ट से बीएचयू से जुड़े लोगों में कांग्रेस के प्रति गुस्सा है। हर कोई अलग-अलग तरीके से नाराजगी जता रहा है। अब तक इस पर 500 लोगों ने कमेंट किया है, जबकि 842 लोगों ने रिट्वीट किया है जबकि 1902 लोेगों ने लाइक किया है। इधर बीएचयू पर कांग्रेस की इस टिप्पणी के बाद से शिक्षकों, छात्रों सहित अन्य लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है।
BHU has lost its credibility as an open & plural university, it is now simply a tool to promote hindutva ideology. If this is the kind of development the Modi govt. wants to promote in India, we as a country must outright reject it & him #NaGangaKaNaDeshKahttps://t.co/3H16Yu01fM
— Congress (@INCIndia) July 15, 2018
छात्रों ने किया प्रदर्शन, शिक्षक भी गुस्से में
विश्वविद्यालय परिसर स्थित राजनीति शास्त्र विभाग में छात्रों ने बुधवार को इस ट्वीट के विरोध में प्रदर्शन किया। शोध छात्र अरुण चौबे के नेतृत्व में पतंजलि पांडेय, आशीष कुमार आशु समेत अन्य छात्रों ने इसे महामना पंडित मदन मोहन मालवीय का अपमान बताया।
कहा कि विश्वविद्यालय में सभी धर्मों के छात्र अध्ययन करते हैं, ऐसे में कांग्रेस की ओर से इस तरह की टिप्पणी का पुरजोर विरोध किया जाना चाहिए। चौबे ने कहा कि अगर जल्द ही इस पर कांग्रेस की ओर से माफी नहीं मांगी गई तो आंदोलन तेज होगा।
उधर, बीएचयू पर कांग्रेस के ट्वीट से शिक्षकों में नाराजगी है। बुधवार को राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. कौशल किशोर मिश्र ने कहा कि कांग्रेस को इस पर माफी मांगना होगा। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय के सम्मान पर हमला है।
डीएवीपीजी कॉलेज राजनीति विज्ञान विभाग में शिक्षक डॉ. एसबी सिंह ने कहा कि बीएचयू में देश के विभिन्न प्रांतों के छात्र, शिक्षक हैं, इस बारे में टिप्पणी करना गलत है।
भोजपुरी अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने इसे आपत्तिजनक बयान बताया है। कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को इससे बचना चाहिए। शिक्षा के इस मंदिर को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
कहा कि विश्वविद्यालय में सभी धर्मों के छात्र अध्ययन करते हैं, ऐसे में कांग्रेस की ओर से इस तरह की टिप्पणी का पुरजोर विरोध किया जाना चाहिए। चौबे ने कहा कि अगर जल्द ही इस पर कांग्रेस की ओर से माफी नहीं मांगी गई तो आंदोलन तेज होगा।
उधर, बीएचयू पर कांग्रेस के ट्वीट से शिक्षकों में नाराजगी है। बुधवार को राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. कौशल किशोर मिश्र ने कहा कि कांग्रेस को इस पर माफी मांगना होगा। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय के सम्मान पर हमला है।
डीएवीपीजी कॉलेज राजनीति विज्ञान विभाग में शिक्षक डॉ. एसबी सिंह ने कहा कि बीएचयू में देश के विभिन्न प्रांतों के छात्र, शिक्षक हैं, इस बारे में टिप्पणी करना गलत है।
भोजपुरी अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने इसे आपत्तिजनक बयान बताया है। कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को इससे बचना चाहिए। शिक्षा के इस मंदिर को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।