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कंक्रीट के जंगल ने गायब कर दी वाराणसी शहर की हरियाली, योजनाओं के नाम पर काटे हजारों पेड़

Mon, 22 Mar 2021 06:20 PM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: हरि User Updated Mon, 22 Mar 2021 06:20 PM IST
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Concrete forest vanishes the greenery of city thousands of trees cut in Varanasi
सांकेतिक तस्वीर

विकास योजनाओं के नाम पर वाराणसी में जिले में पिछले सात सालों में हजारों विशाल पेडों की कटाई हुई है। कभी आनंदकानन कहलाने वाला शहर तो अब पूरी तरह से कंक्रीट का जंगल में तब्दील हो चुका है। संपूर्ण विश्व में 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस मनाया गया।

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वन विभाग सरकारी स्कूलों, कार्यालयों और ग्राम सभाओं की खाली जमीन पर पौधरोपण करके अपनी जिम्मेदारियां निभा रहा है। शहर में वन विभाग की अपनी जमीन नहीं होने के कारण पौधरोपण का लक्ष्य हर साल पूरा नहीं हो पाता है। पिछले सात सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो विकास योजनाओं के नाम पर जिले में 45 हजार से अधिक विशाल पेड़ों की कटाई हुई। उसके सापेक्ष पौधरोपण भी किया लेकिन वह अभी तक वजूद में नहीं आ सके हैं। 

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2019 में बनारस में पौधरोपण के लिए जमीन नहीं मिली

2019 की बात करें तो बनारस में पौधरोपण के लिए जमीन नहीं मिली तो यहां पर कटे पेड़ों का बजट चंदौली में चलाया गया। 2020 में 2756453 पौधों को लगाने का लक्ष्य रखा गया था। जिले के क्षेत्रफल और आबादी के हिसाब से पौधों की संख्या शहर में बेहद नाकाफी है। इसके कारण बनारस विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में भी शामिल है। यहां भौगोलिक क्षेत्रफल 1535 स्क्वायर किलोमीटर है और उसके सापेक्ष 19 स्क्वायर किलोमीटर ग्रीन कवर क्षेत्रफल है जो 1.11 फीसदी  है। पिछले साल 17 स्क्वायर किलोमीटर ग्रीन कवर क्षेत्रफल था।

हरियाली के क्षेत्रफल में हुई 0.1 फीसदी बढ़ोतरी

डीएफओ महावीर कौजालगी ने बताया कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत कार्यरत संस्था फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के 2017 से 19 के रिपोर्ट के मुताबिक बनारस में हरियाली के क्षेत्रफल में 0.1 प्रतिशत की बढ़त हुई है। 2022 के आने वाली सर्वे रिपोर्ट में भी इसके बढ़ने की पूरी संभावना है। इसके लिए हमने जिले भर में 420 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया है।

इसमें पिछले साल पांच लाख पौधरोपण किए गए। इनमें खासकर कृषि वानिकी पर ज्यादा जोर है। इसके तहत किसानों के खेतों के किनारे मेड़ों पर उन्नत किस्म के पौधरोपण के लिए इस वर्ष नर्सरी में बेहतर पौध तैयार किए गए हैं। अगले वित्त वर्ष 2021-22 में अन्य 26 विभागों के 12 लाख 15 हजार से अधिक लक्ष्य में वन विभाग का पांच लाख 65 हजार पौधरोपण का लक्ष्य है। इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है।

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