फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Commissioner Science at the residence, a woman called interrogation hours

कमिश्नर आवास पर शास्त्री तलब, घंटों पूछताछ

Tue, 01 Sep 2015 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 01 Sep 2015 02:07 AM IST
विज्ञापन
नियमों को ताक पर रखकर विश्वनाथ मंदिर में नि:शुल्क शास्त्रियों की हुई नियुक्तियों की जांच के निर्देश मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने सोमवार की दोपहर जारी कर दिए। जांच मुख्य विकास अधिकारी विशाख जी को सौंपी गई है। इससे पहले सीओ ज्ञानवापी और खुफिया विभाग के इंस्पेक्टर इन शास्त्रियों को लेकर मंडलायुक्त आवास पहुंचे, जहां उनसे घंटों पूछताछ की गई। 11 शास्त्रियों के बयान दर्ज किए गए, जबकि एक का पता नहीं चला।
विज्ञापन


विश्वनाथ मंदिर में नि:शुल्क शास्त्रियों की अब तक की तैनाती से संबंधित पत्रावलियां भी तलब कर ली गई हैं। इससे संबंधित रिकार्डों की जांच की जाएगी। बिना प्रक्रिया पूरी कराए 12 नि:शुल्क शास्त्रियों की मंदिर में तैनाती का खुलासा होने के बाद मंडलायुक्त ने सुबह ही संबंधितों को पूछताछ के लिए अपने आवास पर बुलवा लिया। मंदिर प्रशासन को जब इसकी जानकारी हुई तब कुछ कर्मचारियों के माथे पर बल पड़ गए। मंडलायुक्त के सामने पेशी से पहले नि:शुल्क शास्त्रियों को समझाया भी गया कि वहां जाकर कहना क्या है। निर्देश के
विज्ञापन


अनुपालन में एलआईयू के इंस्पेक्टर एके सिंह 11 नि:शुल्क शास्त्रियों राकेश पाराशर, तीरथराज शास्त्री, सुनील शास्त्री, सौरभ शास्त्री, भृगुनाथ शास्त्री, अजय शास्त्री, रोहित शास्त्री, संतोष शास्त्री, मोरध्वज, विजय तिवारी और भावेश झा को लेकर मंडलायुक्त के आवास पहुंचे। वहां सभी से उनकी तैनाती से जुड़े सवाल किए गए। जांच अधिकारी सीडीओ विशाख जी ने बयान दर्ज किए। किसी ने एक महामंडलेश्वर की पैरवी का हवाला दिया तो किसी ने बसपा काल में रहे एक मंत्री का। एलआईयू ने भी अपनी रिपोर्ट इन नि:शुल्क शास्त्रियों के बारे में सौंपी। मंडलायुक्त को बताया गया कि डेढ़ महीने पहले इनके पास जारी किए गए थे। फिलहाल
विज्ञापन
विज्ञापन


बयान लेकर सभी को कमिश्नर आवास से लौटा दिया गया। उल्लेखनीय है वर्ष 2009 में 11 नि:शुल्क शास्त्रियों की नियुक्ति निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत कराई गई थी। उनका अनुमोदन न्यास परिषद से भी कराया गया था। छह साल पहले न्यास से चयनित शास्त्रियों में रजनीकांत वाजपेयी, अनिल कुमार तिवारी, अमरनाथ उपाध्याय, विकास कुमार चौबे, ऋषि नंदन मिश्रा, अंबरीश मिश्रा, सतीश कुमार द्विवेदी, शिवजी मिश्र, राम प्रताप शुक्ल, मनीष कुमार तिवारी, गणेश दत्त शर्मा के नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed