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शीतलहरी और कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2015 02:26 AM IST
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वाराणसी। कड़ाके की ठंड और कोहरे से फिलहाल राहत के आसार कम हैं। बर्फीली हवाएं पूर्वांचल में अभी तीन दिन और सितम ढाएंगी। पूरब से आने वाली हवाओं के चलते आसमान में धुंध छाया रहेगा। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के दबाव से बुधवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। बनारस और उसके आसपास के जिलों में अगले दो दिन तक सूर्य के दर्शन होने की उम्मीद बेहद कम है। शाम होते ही पूरा शहर कोहरे की चादर में सिमट गया। लोग घराें में दुबक गए। कोहरे की वजह से दृश्यता काफी कम हो गई है, जिस वजह से वाहनों की रफ्तार पर भी अंकुश लग गया।
उधर, मौसम कार्यालय का कहना है कि तापमान में लगातार गिरावट बने रहने से लोगों को ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। हालांकि बुधवार को न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री और अधिकतम 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बीएचयू में पारा 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार तीसरे दिन बीएचयू शहर का सबसे ठंडा इलाका रहा। हवा की रफ्तार सतह पर तीन से पांच किमी प्रति घंटा रिकार्ड की गई। बाबतपुर मौसम केंद्र ने बुधवार को अधिकतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जबकि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री था। बीएचयू में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि मंगलवार को यहां न्यूनतम पारा 4.4 डिग्री दर्ज किया गया था।
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई के प्रभारी डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि अभी शीतलहर से दो-तीन दिन और जूझना होगा। शनिवार से पहले आसमान साफ होने की उम्मीद कम है। बताया कि सतह से डेढ़ किलोमीटर तक गर्म और आर्द्रतायुक्त पुरवा हवा बह रही है जबकि दो किलोमीटर से ऊपर पछु़वा हवा 9 से 11 किलोमीटर की रफ्तार से बह रही है।
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धुंध और ओस से पतंगबाजों को निराशा
ठंड के बावजूद युवाओं ने मौसम का पूरा लुत्फ उठाया। घाट से लेकर गंगा पार तक लोग मौज मस्ती करते नजर आए। पतंगबाजों को हालांकि सुबह निराश हुई जब कोहरा और ओस के चलते उन्हें पतंग उड़ाने में दिक्कत आई। दोपहर बाद हवा की रफ्तार बढ़ने के साथ ही रंगबिरंगी पतंगों से आसमान पट गया।
अलाव की तलाश में ठंड से कंपकंपाते रहे
न्यूनतम तापमान के सात डिग्री से भी नीचे बने रहने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खुले आसमान के नीचे, सड़कों की पटरियों, गंगा घाटों पर गरीब- बेसहारा लोग अलाव की तलाश में ठंड से कंपकंपाते रहे। बुधवार को सुबह से ही कोहरा छाया रहा और हवा का झोंका तन-बदन में सिहरन पैदा करता रहा।
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उधर, मौसम कार्यालय का कहना है कि तापमान में लगातार गिरावट बने रहने से लोगों को ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। हालांकि बुधवार को न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री और अधिकतम 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बीएचयू में पारा 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार तीसरे दिन बीएचयू शहर का सबसे ठंडा इलाका रहा। हवा की रफ्तार सतह पर तीन से पांच किमी प्रति घंटा रिकार्ड की गई। बाबतपुर मौसम केंद्र ने बुधवार को अधिकतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जबकि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री था। बीएचयू में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि मंगलवार को यहां न्यूनतम पारा 4.4 डिग्री दर्ज किया गया था।
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ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई के प्रभारी डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि अभी शीतलहर से दो-तीन दिन और जूझना होगा। शनिवार से पहले आसमान साफ होने की उम्मीद कम है। बताया कि सतह से डेढ़ किलोमीटर तक गर्म और आर्द्रतायुक्त पुरवा हवा बह रही है जबकि दो किलोमीटर से ऊपर पछु़वा हवा 9 से 11 किलोमीटर की रफ्तार से बह रही है।
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धुंध और ओस से पतंगबाजों को निराशा
ठंड के बावजूद युवाओं ने मौसम का पूरा लुत्फ उठाया। घाट से लेकर गंगा पार तक लोग मौज मस्ती करते नजर आए। पतंगबाजों को हालांकि सुबह निराश हुई जब कोहरा और ओस के चलते उन्हें पतंग उड़ाने में दिक्कत आई। दोपहर बाद हवा की रफ्तार बढ़ने के साथ ही रंगबिरंगी पतंगों से आसमान पट गया।
अलाव की तलाश में ठंड से कंपकंपाते रहे
न्यूनतम तापमान के सात डिग्री से भी नीचे बने रहने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खुले आसमान के नीचे, सड़कों की पटरियों, गंगा घाटों पर गरीब- बेसहारा लोग अलाव की तलाश में ठंड से कंपकंपाते रहे। बुधवार को सुबह से ही कोहरा छाया रहा और हवा का झोंका तन-बदन में सिहरन पैदा करता रहा।