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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   CO Amresh Baghel case: Clean chit was given to rape accused Atul Rai victim committed suicide in front of Supreme Court

सीओ अमरेश बघेल मामला: दुष्कर्म के आरोपी अतुल राय को दी थी क्लीन चिट, पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट के सामने किया था आत्मदाह, जानें पूरा प्रकरण

Fri, 01 Oct 2021 12:18 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Fri, 01 Oct 2021 12:18 AM IST
सार

पीड़िता ने सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। जिसके बाद सासंद ने पुलिस से बचते हुए आत्मसमर्पण किया था। 2020 अगस्त में सीओ अमरेश बघेल ने अतुल राय को क्लीन चिट दे दी थी। एसआईटी की जांच में सीओ दोषी पाए गए थे।

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CO Amresh Baghel case: Clean chit was given to rape accused Atul Rai victim committed suicide in front of Supreme Court
सीओ अमरेश बघेल को पेशी के बाद जिला जेल लेकर पहुंचे पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिसंबर 2020 में निलंबित वाराणसी के भेलूपुर के तत्कालीन सीओ अमरेश सिंह बघेल की गिरफ्तारी एसआईटी जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के समय ही तय हो गई थी। एसआईटी ने तफ्तीश में पाया था कि भेलूपुर क्षेत्राधिकारी रहते हुए अमरेश सिंह बघेल ने बसपा सांसद के प्रभाव में आकर दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ न केवल मिथ्या रिपोर्ट लगाई बल्कि प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट में सांसद अतुल के पक्ष में दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ गवाही भी दी थी। दुष्कर्म पीड़िता अंतिम सांस तक वाराणसी पुलिस के साथ ही सीओ अमरेश सिंह बघेल पर आरोप लगाती रही थी।

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अपने खिलाफ मुकदमे दर्ज होने और पुलिस द्वारा घेरे जाने से क्षुब्ध होकर ही दुष्कर्म पीड़िता व उसके गवाह साथी ने 16 अगस्त को नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह किया था। इसी आधार पर एसआईटी ने जांच की और पुलिस आयुक्त के गोपनीय पत्र पर डीसीपी काशी ने आख्या लगाई और लंका थाने में अमरेश सिंह बघेल पर आत्महत्या के लिए उकसाने सहित लोकसेवक पद की गरिमा धूमिल करने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज हुआ।
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अतुल राय को दी थी क्लीन चिट
देवरिया के रहने वाले अमरेश सिंह बघेल ने भेलूपुर थाने में सीओ रहते हुए दुष्कर्म के आरोपी अतुल राय को क्लीन चिट दे दी थी और मुकदमे में फिर से विवेचना की संस्तुति की थी। इसके बाद पुलिस महकमे में इस पर काफी हो हल्ला मचा तो शासन ने अमरेश सिंह बघेल को निलंबित करते हुए प्रयागराज के आईजी रेंज को जांच सौंपी थी।

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2019 में पीड़िता दर्ज कराया मुकदमा, अतुल राय ने किया आत्मसमर्पण

सांसद के पिता भरत सिंह के शिकायती पत्र पर जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट में सीओ अमरेश ने दुष्कर्म पीड़िता और उसके गवाह साथी को मऊ सदर विधायक माफिया मुख्तार अंसारी के गुर्गे अंगद राय के इशारे पर अतुल राय को फंसाने की बात कही थी। सोनभद्र जेल में बंद अंगद राय के मोबाइल कॉल डिटेल को भी सार्वजनिक किया था। यहां बता दें कि बलिया की रहने वाली युवती और यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा ने मई 2019 में अतुल राय के खिलाफ लंका थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद 22 जून 2019 को पुलिस को चकमा देते हुए अतुल राय ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। मौजूदा समय में अतुल राय प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं।

निलंबित सीओ को वीआईपी ट्रीटमेंट देने में जुटी रही पुलिस

दुष्कर्म के आरोपी सांसद के पक्ष में रिपोर्ट लगाने वाले सीओ अमरेश सिंह बघेल को पुलिस पूरे समय तक वीआईपी ट्रीटमेंट देने की जुगत में रही। बाराबंकी के हैदरगढ़ के डाफी टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार अमरेश सिंह बघेल को लाकर पुलिस लाइन में रखा गया। कोर्ट में पेशी के दौरान किसी भी मीडिया कर्मियों को पास नहीं जाने दिया गया। अधिवक्ताओं को भी दूर रखा गया। जेल जाने से पूर्व सरकारी वाहन में सीओ के बैठने का अंदाज भी यह बता रहा था कि पुलिस उसकी सेवा में है। पुलिस के एक उच्चाधिकारी के इशारे पर सीओ को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया। 

कमिश्नरेट लागू होने के बाद भी किसी ने नहीं की निगरानी 
कमिश्नरेट बनने के बाद आईपीएस अधिकारियों की फौज शहर में उतर गई, बावजूद इस मामले में किसी अधिकारी ने तल्लीनता से संज्ञान नहीं लिया। क्या रिपोर्ट लग रही, किसकी जांच कौन कर रहा, दुष्कर्म पीड़िता और अतुल राय मामले की निगरानी में हद दर्जे की लापरवाही बरती गई। दुष्कर्म पीड़िता यह आरोप लगाती रही कि कमिश्नरेट बनने के बाद पुलिस उच्चाधिकारियों ने फोन नंबर तक ब्लाक कर दिया था। पीड़िता के आत्मदाह करने से पहले तक कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारी उनको सुनने को भी तैयार नहीं थे।

एसपी सिटी को सौंपी थी ग्यारह पन्ने की रिपोर्ट
अतुल राय प्रकरण में वाराणसी में तैनात एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिन्हें निलंबित कर दिया गया। दरअसल, सांसद अतुल राय के पिता भरत सिंह ने शिकायती पत्र एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी को सौंपा था, जिसे एसपी सिटी ने तत्कालीन सीओ भेलूपुर अमरेश सिंह बघेल को जांच के लिए आगे बढ़ाया था। जांच पूरी करने के बाद आठ अगस्त 2020 को अमरेश सिंह बघेल ने ग्यारह पन्ने की जांच रिपोर्ट की फाइल एसपी सिटी को सौंपी थी। इस मामले की फाइल विकास चंद्र त्रिपाठी ने अपने पास रखी, हालांकि बाद में दुष्कर्म पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई तो अमरेश सिंह बघेल दिसंबर 2020 में निलंबित कर दिए गए।
   
पीड़ित व गवाह को धमका रहे थे सांसद के समर्थक 
घोसी सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता और उसके गवाह साथी को सांसद के समर्थक धमकाते थे। इस मामले में पीड़िता कई बार पुलिस अधिकारियों के यहां गुहार लगाई लेकिन सांसद के प्रभाव में आकर पुलिस ने पीड़िता की गुहार अनसुनी कर दी। सांसद के समर्थन में रहने वाले शिवपुर क्षेत्र के युवाओं का नाम पीड़िता अक्सर लेती थी।

अतुल राय व दुष्कर्म पीड़िता मामले में कब-कब क्या हुआ 

-एक मई 2019 को पीड़िता ने लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ दर्ज कराया था दुष्कर्म का मुकदमा।
-22 जून 2019 को अतुल राय ने कोर्ट में किया था आत्मसमर्पण।
-आठ अगस्त 2020 को सीओ भेलूपुर रहते हुए अमरेश सिंह बघेल ने दी थी सांसद को क्लीन चिट।
-30 दिसंबर 2020 को शासन ने सीओ अमरेश सिंह बघेल को किया था निलंबित।
-16 अगस्त 2021 को गवाह और दुष्कर्म पीड़िता ने नई दिल्ली में किया था आत्मदाह।
-16 अगस्त 2021 को प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक स्तर के दो अधिकारियों को प्रकरण की जांच सौंपी।
-16 अगस्त को एसएसपी वाराणसी रहे अमित पाठक को गाजियाबाद पुलिस कप्तान के पद से हटाकर डीजीपी कार्यालय से संबंध किया गया।
-17 अगस्त को तत्कालीन इंस्पेक्टर कैंट राकेश सिंह और गिरिजा शंकर यादव को निलंबित किया गया।
-21 अगस्त को गवाह साथी की नई दिल्ली स्थित राममनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार के दौरान मौत।
-24 अगस्त को दुष्कर्म पीड़िता ने नई दिल्ली स्थित राममनोहर लोहिया अस्पताल में तोड़ दिया था दम।
-28 अगस्त को एसआईटी पहुंची थी बनारस, एडीजी से लेकर इंस्पेक्टर तक के 11 लोगों का लिया था बयान।

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