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वाराणसी में सीएम योगी, टेंट सिटी का निरीक्षण कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश
Sat, 12 Jan 2019 12:19 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 12 Jan 2019 12:19 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह प्रवासी भारतीय सम्मेलन के मद्देनजर स्थलीय निरीक्षण किया। सीएम योगी सुबह ऐढ़े गांव में बन रहे टेंट सिटी पहुंचे। यहां उन्होंने निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सीएम ने करीब आधे घंटे तक कार्यों से संबंधित जानकारी ली।
मुख्यमंत्री टेंट सिटी का निरीक्षण कर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। जबकि उन्हें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मलेन को लेकर अधिकारियों संग एक समीक्षा बैठक भी करनी थी। मुख्यमंत्री अपने सभी कार्यक्रम को निरस्त करते हुए एयरपोर्ट निकल गए और वहां से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
सीएम के निरीक्षण से पहले टेंट सिटी, बड़ा लालपुर स्टेडियम और हस्तकला संकुल में खामियों को दूर करने में अधिकारी जुटे थे। आयोजन स्थलों पर रात में भी काम चलता रहा। सम्मेलन की तैयारियों में लेटलतीफी को लेकर अधिकारी निशाने पर हैं। पिछले दिनों मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय और इसके बाद एनआरआई राज्यमंत्री स्वाति सिंह ने खामियों को चिन्हित कर नाराजगी जताई थी।
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मुख्यमंत्री टेंट सिटी का निरीक्षण कर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। जबकि उन्हें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मलेन को लेकर अधिकारियों संग एक समीक्षा बैठक भी करनी थी। मुख्यमंत्री अपने सभी कार्यक्रम को निरस्त करते हुए एयरपोर्ट निकल गए और वहां से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
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सीएम के निरीक्षण से पहले टेंट सिटी, बड़ा लालपुर स्टेडियम और हस्तकला संकुल में खामियों को दूर करने में अधिकारी जुटे थे। आयोजन स्थलों पर रात में भी काम चलता रहा। सम्मेलन की तैयारियों में लेटलतीफी को लेकर अधिकारी निशाने पर हैं। पिछले दिनों मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय और इसके बाद एनआरआई राज्यमंत्री स्वाति सिंह ने खामियों को चिन्हित कर नाराजगी जताई थी।
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राम की गाथा जिसने गाई उसका उद्धार हो गया: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराष्ट्र भगवान राम का कर्मक्षेत्र रहा है। राम की गाथा जिसने गाई, उसका उद्धार हो गया। महाराष्ट्र की परंपरा भक्ति और शक्ति की है। संक्रमण काल में इसे नई दिशा मिली। गीत रामायण के रचयिता स्व. जीडी माडगुलकर और गायक स्व. सुधीर फड़के की जन्म शताब्दी अवसर पर गुरुवार को दो दिवसीय कार्यक्रम गीत रामायण मराठी के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रामचरित मानस की रचना काशी में हुई। तुलसीदास इसे संस्कृत में लिखना चाहते थे लेकिन हनुमान जी की प्रेरणा से उन्होंने इसे लोक भाषा अवधी में लिखा। राम की गाथा को देश-दुनिया में पहुंचाने का श्रेय महर्षि बाल्मीकि को जाता है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा, गीत रामायण धरोहर है। इसमें रामायण की सारी रचना गीत के रूप में मिलती है। पांच दशक से ज्यादा समय से मराठी मन पर गीत रामायण ने राज किया है। कहा, प्रभु श्रीराम मानव समाज के आदर्श हैं।
इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक ने माडगुलकर को आधुनिक बाल्मीकि बताया। कहा, यह संयोग है कि इस धरती पर रामायण की रचना की गई। काशी में इन महान विभूतियों की जन्मशती मनाई जा रही है। माडगुलकर गीत रामायण को लिखते थे और गायक सुधीर फड़के इसे गाते थे। यूपी में चार स्थानों पर गीत रामायण की प्रस्तुति होगी।
राज्यपाल ने माडगुलकर और फड़के से अपने रिश्ते के बारे में बताया। कहा, माडगुलकर मेरे पिता के शिष्य थे। बीमार होने पर मेरे घर रहते थे। मैं भी पढ़ाई के दौरान माडगुलकर के घर रहा था। फड़के गायक के साथ साथ एक वीर योद्धा थे। दमन दीव को भारत में मिलाने के लिए उन्होंने वहां हमला किया था।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा, गीत रामायण धरोहर है। इसमें रामायण की सारी रचना गीत के रूप में मिलती है। पांच दशक से ज्यादा समय से मराठी मन पर गीत रामायण ने राज किया है। कहा, प्रभु श्रीराम मानव समाज के आदर्श हैं।
इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक ने माडगुलकर को आधुनिक बाल्मीकि बताया। कहा, यह संयोग है कि इस धरती पर रामायण की रचना की गई। काशी में इन महान विभूतियों की जन्मशती मनाई जा रही है। माडगुलकर गीत रामायण को लिखते थे और गायक सुधीर फड़के इसे गाते थे। यूपी में चार स्थानों पर गीत रामायण की प्रस्तुति होगी।
राज्यपाल ने माडगुलकर और फड़के से अपने रिश्ते के बारे में बताया। कहा, माडगुलकर मेरे पिता के शिष्य थे। बीमार होने पर मेरे घर रहते थे। मैं भी पढ़ाई के दौरान माडगुलकर के घर रहा था। फड़के गायक के साथ साथ एक वीर योद्धा थे। दमन दीव को भारत में मिलाने के लिए उन्होंने वहां हमला किया था।