सीएम शुभेंदु पीए हत्याकांड: नामजद ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने किया सरेंडर, पत्नी बोली- पति को फंसाया जा रहा
Ballia News: सीएम शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड में कार खरीदने वाला ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उधर, पत्नी का कहना है कि पति को फंसाया जा रहा है। कहा कि मुझे सीबीआई पर भरोसा है।
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेद्र अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में जांच के घेरे में आए ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने बृहस्पतिवार को गैंगस्टर कोर्ट में समर्पण कर दिया। कोर्ट ने ज्ञानेंद्र को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई और यूपी एसटीएफ ज्ञानेंद्र सिंह की तलाश में काफी समय से लगी थीं।
बांसडीह रोड क्षेत्र के शीतल दवनी गांव निवासी ज्ञानेंद्र पर हत्याकांड के लिए कार खरीदने और आरोपी नवीन सिंह को असलहा उपलब्ध कराने का आरोप है। कोर्ट में समर्पण की पुष्टि करते हुए ज्ञानेंद्र की पत्नी महिमा सिंह ने कहा कि उनके पति को मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।
कोर्ट में समर्पण करने से लगभग एक घंटे पहले ज्ञानेंद्र ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की थी। पोस्ट में उसने खुद को निर्दोष बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। गांव के एक व्यक्ति पर साजिश रचकर उसे फंसाने का आरोप लगाया।
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पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में ज्ञानेंद्र सिंह की भूमिका की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में बांसडीह रोड के थानाध्यक्ष वंश बहादुर सिंह ने बताया कि कि मोनू के खिलाफ 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद नवीन ने लगाए थे आरोप
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच के दौरान सीबीआई के निर्देश पर यूपी एसटीएफ और फेफना थाने की पुलिस ने थम्हनपुरा गांव के नवीन सिंह के पास से पांच अवैध असलहे और 45 कारतूस बरामद किए थे। पूछताछ में नवीन सिंह ने आरोप लगाया था कि ये हथियार उसे ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू और भीखपुर निवासी गोलू सिंह ने दिए थे। इसके बाद जांच एजेंसियों ने दोनों की तलाश तेज कर दी थी। साथ ही उस युवक की भी खोजबीन की जा रही थी, जिसने कथित रूप से बलिया के एक व्यवसायी के माध्यम से कार खरीदने की प्रक्रिया में भूमिका निभाई थी।