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जलवायु परिवर्तन से बच्चों में बढ़ता हैं संक्रमण
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जलवायु परिवर्तन 16 साल से कम उम्र के बच्चों में संक्रामक रोगों को बढ़ाने में सहायक होते हैं। यह कुल संक्रामक रोग के मामलों का 9-18 प्रतिशत होता है। बीएचयू के वैज्ञानिकों की टीम ने अपने अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला है।
बीएचयू के पर्यावरण एवं संपेषय विकास संस्थान के प्रो. आरके मल्ल के निर्देशन में केंद्रीय इंडो-गंगेटिक प्लेन में स्थित वाराणसी शहर में 16 साल से कम उम्र के बच्चों में जलवायु परिवर्तन और संक्रामक रोगों के बीच संबंध की जांच की गई। प्रो. मल्ल ने बताया कि बीएचयू स्थित डीएसटी-महामना सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन क्लाइमेट चेंज रिसर्च में 461 बच्चों पर तीन साल तक अध्ययन किया गया। इसमें जलवायु परिवर्तन और संक्रामक रोगों के बीच संबंध का पता लगाया गया था। जलवायु परिवर्तन और संक्रामक रोगों पर किया गया यह पहला अध्ययन हैं। हाल ही में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका साइंस ऑफ द टोटल एनवायरनमेंट में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में बताया गया है कि अधिकतम तापमान और आर्द्रता महत्वपूर्ण जलवायु चालक है। इस कार्य में प्रो. मल्ल के साथ उनकी शोध छात्रा डॉ. निधि सिंह एवं विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. टी. बनर्जी और डॉ. अखिलेश गुप्ता भी शामिल रहे।
जलवायु परिवर्तन के प्रकार व असर
वायु, जल, ध्वनि प्रदूषण : इस तरह के प्रदूषण बड़ों के मुकाबले बच्चों पर ज्यादा प्रभावित करती हैं।
तापमान और आर्र्दता : इसमें असंतुलन भी बीमारियों को बढ़ाने में सहायक होते हैं। हवा में कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा का अधिक होना है।
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बीएचयू के पर्यावरण एवं संपेषय विकास संस्थान के प्रो. आरके मल्ल के निर्देशन में केंद्रीय इंडो-गंगेटिक प्लेन में स्थित वाराणसी शहर में 16 साल से कम उम्र के बच्चों में जलवायु परिवर्तन और संक्रामक रोगों के बीच संबंध की जांच की गई। प्रो. मल्ल ने बताया कि बीएचयू स्थित डीएसटी-महामना सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन क्लाइमेट चेंज रिसर्च में 461 बच्चों पर तीन साल तक अध्ययन किया गया। इसमें जलवायु परिवर्तन और संक्रामक रोगों के बीच संबंध का पता लगाया गया था। जलवायु परिवर्तन और संक्रामक रोगों पर किया गया यह पहला अध्ययन हैं। हाल ही में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका साइंस ऑफ द टोटल एनवायरनमेंट में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में बताया गया है कि अधिकतम तापमान और आर्द्रता महत्वपूर्ण जलवायु चालक है। इस कार्य में प्रो. मल्ल के साथ उनकी शोध छात्रा डॉ. निधि सिंह एवं विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. टी. बनर्जी और डॉ. अखिलेश गुप्ता भी शामिल रहे।
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जलवायु परिवर्तन के प्रकार व असर
वायु, जल, ध्वनि प्रदूषण : इस तरह के प्रदूषण बड़ों के मुकाबले बच्चों पर ज्यादा प्रभावित करती हैं।
तापमान और आर्र्दता : इसमें असंतुलन भी बीमारियों को बढ़ाने में सहायक होते हैं। हवा में कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा का अधिक होना है।