वाराणसी : दो हजार रुपये घूस लेने के मामले में लिपिक को चार साल की कैद, गैर इरादतन हत्या में महिला को छह वर्ष की सजा
फंड व पेंशन चालू कराने के लिए मिर्जापुर नगरपालिका परिषद के तत्कालीन वेतन लिपिक को दो हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया गया था।
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वाराणसी में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण आलोक सिंह की कोर्ट ने दो हजार घूस लेने मामले में मिर्जापुर नगरपालिका परिषद के तत्कालीन वेतन लिपिक सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव को दोषी पाते हुए चार वर्ष की कैद व दो हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। फंड व पेंशन चालू कराने के लिए वेतन लिपिक को दो हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया गया था।
एडीजीसी आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक मिर्जापुर निवासी शिकायतकर्ता रामनाथ ने 13 फरवरी 2007 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन को आवेदन देकर कहा था कि वह नगरपालिका में चालक है। इसी पद पर रहे पिता विश्वनाथ प्रसाद की 24 फरवरी 2005 को मृत्यु हो गई।
पिता का फंड और नगरपालिका में ही कार्यरत भाइयों का वेतन नहीं मिलने पर वेतन लिपिक सुभाषचंद्र श्रीवास्तव से संपर्क किया, तब फंड और वेतन बिल बनाने के लिए 20 हजार की रिश्वत की मांग की। 14 फरवरी 2007 नगरपालिका परिसर में दो हजार रुपये शिकायत कर्ता से रिश्वत लेते सुभाषचंद्र श्रीवास्तव को रंगेहाथ दबोच लिया और मुकदमा कायम कर जेल भेज दिया गया।
गैर इरादतन हत्या में महिला को छह वर्ष की सजा
अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम विवेक कुमार की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में पार्वती देवी को दोषी पाते हुए शनिवार को छह वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई। कोतवाली क्षेत्र के भैरोनाथ निवासी पार्वती देवी पर दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
एडीजीसी श्रवण कुमार रावत व सर्वेन्द्र सिंह के मुताबिक वादी बबलू यादव का भाई महेंद्र यादव छह सितंबर 2012 की रात 11.50 बजे भैरोनाथ के पास समान खरीद रहा था। उसी दौरान महिला दुकानदार पार्वती से विवाद हो गया और कुछ लोगों ने धर्मेंद्र के सिर पर वार कर दिया। घायल धर्मेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।