किसान सत्याग्रह पद यात्रा को जब पीएम संसदीय कार्यालय जाने से रोका तो पुलिस से झड़प
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राष्ट्रीय राजमार्ग 7 के चौड़ीकरण में किसानों की अधिग्रहीत जमीन का उचित मुआवजा न दिये जाने के विरोध में किसान सत्याग्रह पद यात्रा को लेकर शनिवार को दोपहर में शास्त्री चौक, रामनगर पहुचे। रामनगर का माहौल अच्छा ख़ासा गरम हो गया। कांग्रेसियों और किसानों की पुलिस से झड़प हुई। इसके बाद सब कांग्रेसी शास्त्री चौक पर ही धरने पर बैठ गए।
दरअसल, पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी के नेतृत्व में उचित मुआवजे की मांग को लेकर बीते 19 दिसंबर से भैसोड़ ग्राम मध्यप्रदेश से किसान सत्याग्रह पद यात्रा शुरू की गई थी। इसी में आज प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय का घेराव तय था। पद यात्रा के दौरान शास्त्री जी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रामनगर से होकर गुजरने की संभावना के मद्देनजर शास्त्री चौक पर भारी भरकम फोर्स के साथ दमकल सहित अन्य दस्ते की भी तैनात कर दी गई थी।
लगभग 12 बजे के लिए बाद ललितेश के साथ बड़ी संख्या में लोग शास्त्री चौक पहुंचे, तो पुलिस ने चारों तरफ से घेरा बंदी कर ली। शास्त्री प्रतिमा पर माल्यापर्ण करने के बाद सभा शुरू हुई। सभा में वक्ताओं ने मोदी और योगी सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। कहा कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर किसानों की जमीनें ले ली गई, लेकिन उन्हें सर्किल रेट के लिए हिसाब से उचित मुआवजा नहीं दिया गया। किसानों की जमीन उनकी अन्नदाता है। कम से कम इतना मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि उनका और उनके परिवार का गुजर बसर हो सके।
लेकिन सरकार दमनकारी नीतियों पर चल रही है। उसे समाज के किसी भी वर्ग की चिंता नही है। वह बस भ्रम फैलाकर आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है। इसके चलते रामनगर किला रोड से लगायत सामने घाट पुल जाम की चपेट में आ गया। लगभग एक घंटे बाद सिटी मजिस्ट्रेट के समझाने पर लोगों ने एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंप कर धरना समाप्त किया।