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आटो वाले करते रहे मनमानी, चौराहे-चौराहे किचकिच
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
Updated Fri, 23 Jan 2015 12:42 AM IST
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परिवहन विभाग ने आटो रिक्शे का किराया कम तो कर दिया लेकिन उसे प्रभावी ढंग से लागू करने का कोई इंतजाम नहीं किया। आटो चालक गुरुवार को दिन भर मनमाने तरीके से किराया वसूल करते रहे। इस बात पर कई स्थानों पर उनकी यात्रियों में कहासुनी भी हुई। कुछ जगह तो मारपीट तक की नौबत आ गई। अब परिवहन विभाग के अफसर कह रहे हैं कि आटो चालकों को हफ्ते भर का समय दिया गया है। उसके बाद भी मनमानी पर रोक न लगी तो अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
लक्खी चौतरा के मधुकर की बहन ककरमत्ता से गोदौलिया पहुंची। आटो वाला उनसे 20 रुपये लेने पर अड़ गया। बहुत कहासुनी होने पर दो रुपये कम किए। इस तरह का नजारा हर चौराहे पर देखने को मिला। इसी तरह दीपक गुप्ता कैंट से बीएचयू पहुंचे और नए दर से किराया देने लगे तो आटो वाले ने बुरा भला कहना शुरू किया। उन्होंने पिकेट पर तैनात पुलिस वाले से शिकायत की लेकिन सुनवाई ही नहीं हुई।
परिवहन विभाग ने न आटो पर नए किराए की सूची चस्पा की और न ही शहर के प्रमुख चौराहों पर। लिहाजा लोगों को जगह-जगह आटो वालों के दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और बच्चों को हुई। पांडेयपुर में बद्री द्विवेदी से आटो वाले मारपीट पर उतारू हो गए और उनको तभी छोड़ा जब उन्होंने मुंहमांगा किराया चुका दिया। राजेश यादव ने बताया कि वह रोज पड़ाव से मैदागिन आते-जाते हैं। सुबह आटो वाले ने पुराना किराया 15 रुपये ही लिया लेकिन रात में लौटने लगे तो 20 रुपये वसूल किए गए। बैठक में तीन सवारी बैठाना तय हुआ है लेकिन पांच-पांच सवारियां भरी जाती रहीं।
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लक्खी चौतरा के मधुकर की बहन ककरमत्ता से गोदौलिया पहुंची। आटो वाला उनसे 20 रुपये लेने पर अड़ गया। बहुत कहासुनी होने पर दो रुपये कम किए। इस तरह का नजारा हर चौराहे पर देखने को मिला। इसी तरह दीपक गुप्ता कैंट से बीएचयू पहुंचे और नए दर से किराया देने लगे तो आटो वाले ने बुरा भला कहना शुरू किया। उन्होंने पिकेट पर तैनात पुलिस वाले से शिकायत की लेकिन सुनवाई ही नहीं हुई।
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परिवहन विभाग ने न आटो पर नए किराए की सूची चस्पा की और न ही शहर के प्रमुख चौराहों पर। लिहाजा लोगों को जगह-जगह आटो वालों के दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और बच्चों को हुई। पांडेयपुर में बद्री द्विवेदी से आटो वाले मारपीट पर उतारू हो गए और उनको तभी छोड़ा जब उन्होंने मुंहमांगा किराया चुका दिया। राजेश यादव ने बताया कि वह रोज पड़ाव से मैदागिन आते-जाते हैं। सुबह आटो वाले ने पुराना किराया 15 रुपये ही लिया लेकिन रात में लौटने लगे तो 20 रुपये वसूल किए गए। बैठक में तीन सवारी बैठाना तय हुआ है लेकिन पांच-पांच सवारियां भरी जाती रहीं।
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