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Varanasi News: देव दीपावली से पहले गंगा पार रेती पर सजेगी टेंट सिटी
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देव दीपावली से पहले गंगा पार रेती पर दोबारा टेंट सिटी बसाई जाएगी। इसकी औपचारिकता पूरी की जा रही है। जलस्तर कम होने के साथ ही 15 नवंबर से कॉटेज तैयार किए जाएंगे। एक नवंबर से कॉटेज बुकिंग की तैयारी है। इस बार टेंट सिटी की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इससे पहले 240 कॉटेज बनाए गए थे। इस बार करीब सात महीने तक टेंट सिटी में 35 हजार से ज्यादा सैलानियों के आने की उम्मीद है।मानसून सीजन के साथ ही एक जून से अस्सी घाट के सामने बसी टेंट सिटी से कॉटेज हटा दिए गए थे। अब गंगा का जलस्तर स्थिर है। इससे टेंट सिटी को दोबारा बसाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इस बार भी दो कंपनियां काम करेंगी। प्रवेग कम्युनिकेशंस (इंडिया)
30 हेक्टेयर में 140 और लल्लू जी एंड संस 110 कॉटेज की सिटी बसाएगी। पिछली बार की तरह ही टेंट सिटी के एक क्लस्टर में विला 900 वर्गफीट 10 फीसदी क्षेत्र, सुपर डीलक्स 480-580 वर्ग फीट 50 फीसदी, डीलक्स 250-400 वर्ग फीट 40 फीसदी क्षेत्र कक्ष के लिए होंगे। टेंट सिटी के एक क्लस्टर में 200 व्यक्तियों के ठहरने की सुविधा रहेगी।
साढ़े चार महीने में पहुंचे थे 10 हजार से ज्यादा सैलानी
जनवरी से मई तक करीब साढ़े चार महीने देश, विदेश के 10 हजार से ज्यादा पर्यटक टेंट सिटी पहुंचे थे। बनारस की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से रूबरू होते बनारस के पर्यटन उद्योग के नए आयाम से पर्यटक खूब आनंदित हुए।
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संसाधनों को मुहैया कराने में जुटेगा वीडीए
गंगा किनारे बसने वाली टेंट सिटी में पेयजल, बिजली, सीवेज, सड़क सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकास प्राधिकरण मुहैया कराएगा। पहली बार बसाई गई टेंट सिटी के लिए वीडीए ने करीब 15 करोड़ रुपये खर्च कर यहां जनसुविधाओं को विकसित किया था। इसमें जमीन के अंदर सीवेज, पेयजल की लाइनें हैं और बाकी सुविधाएं फिर से विकसित की जानी है। गंगा का जलस्तर कम होने के बाद वीडीए अपना काम शुरू करेगा।
इस बार 140 कॉटेज की टेंट सिटी बसाने के लिए पहली बैठक हो गई है। एक नवंबर से बुकिंग शुरू करने की योजना है, ताकि देव दीपावली पर पूरी क्षमता से इसका संचालन किया जा सके।
वरुण पांडेय, प्रबंधक, प्रवेग टेंट सिटी
गंगा का जलस्तर सामान्य होने के बाद ही टेंट सिटी को बसाने के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने का काम शुरु कर दिया जाएगा। इसके लिए विभागों से समन्वय शुरू किया गया है।
डा. सुनील वर्मा, सचिव, विकास प्राधिकरण
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30 हेक्टेयर में 140 और लल्लू जी एंड संस 110 कॉटेज की सिटी बसाएगी। पिछली बार की तरह ही टेंट सिटी के एक क्लस्टर में विला 900 वर्गफीट 10 फीसदी क्षेत्र, सुपर डीलक्स 480-580 वर्ग फीट 50 फीसदी, डीलक्स 250-400 वर्ग फीट 40 फीसदी क्षेत्र कक्ष के लिए होंगे। टेंट सिटी के एक क्लस्टर में 200 व्यक्तियों के ठहरने की सुविधा रहेगी।
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साढ़े चार महीने में पहुंचे थे 10 हजार से ज्यादा सैलानी
जनवरी से मई तक करीब साढ़े चार महीने देश, विदेश के 10 हजार से ज्यादा पर्यटक टेंट सिटी पहुंचे थे। बनारस की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से रूबरू होते बनारस के पर्यटन उद्योग के नए आयाम से पर्यटक खूब आनंदित हुए।
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संसाधनों को मुहैया कराने में जुटेगा वीडीए
गंगा किनारे बसने वाली टेंट सिटी में पेयजल, बिजली, सीवेज, सड़क सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकास प्राधिकरण मुहैया कराएगा। पहली बार बसाई गई टेंट सिटी के लिए वीडीए ने करीब 15 करोड़ रुपये खर्च कर यहां जनसुविधाओं को विकसित किया था। इसमें जमीन के अंदर सीवेज, पेयजल की लाइनें हैं और बाकी सुविधाएं फिर से विकसित की जानी है। गंगा का जलस्तर कम होने के बाद वीडीए अपना काम शुरू करेगा।
इस बार 140 कॉटेज की टेंट सिटी बसाने के लिए पहली बैठक हो गई है। एक नवंबर से बुकिंग शुरू करने की योजना है, ताकि देव दीपावली पर पूरी क्षमता से इसका संचालन किया जा सके।
वरुण पांडेय, प्रबंधक, प्रवेग टेंट सिटी
गंगा का जलस्तर सामान्य होने के बाद ही टेंट सिटी को बसाने के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने का काम शुरु कर दिया जाएगा। इसके लिए विभागों से समन्वय शुरू किया गया है।
डा. सुनील वर्मा, सचिव, विकास प्राधिकरण