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आज वाराणसी में होंगे नगर विकास मंत्री, देखेंगे अपने पिछले निर्देशों का हश्र
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 20 May 2017 12:25 AM IST
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suresh khanna
- फोटो : अमर उजाला
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सूबे की सत्ता बदलने के बाद आला अफसर भले ही कार्यशैली में बदलाव के दावे कर रहे हों, मगर हकीकत इससे जुदा है। सरकारी मशीनरी अब भी पुराने ढर्रे पर ही काम करने पर आमादा है। कुछ विभागों को तो मंत्री के निर्देशों की भी परवाह नहीं।
नगर निगम प्रशासन भी इन्हीं में से है। आज सूबे के नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना शहर में इस हकीकत से रू-ब-रू होंगे।
बीते 15 अप्रैल को दौरे पर आए नगर विकास मंत्री ने नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने देखा कि कार्यालय परिसर में कबाड़ के ढेर थे, डस्टबीन गंदे पड़े थे, चीफ इंजीनियर के कमरे में लगी घड़ी बंद थी।
यही नहीं, कर्मचारियों की हाजिरी के लिए लगी बायोमैट्रिक मशीन खराब पड़ी थी। 17 कर्मचारी बगैर सूचना के गैरहाजिर मिले थे। यह सब देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए 20 मई यानी उनके इस दौरे तक हालात में मुकम्मल सुधार लाने के निर्देश दिए थे। पर हालात आज भी जस के तस हैं।
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पिछले दौरे पर मंत्री ने दिए थे ये निर्देश
- कार्यालय भवन का रंग-रोगन कराया जाए
- परिसर में खराब पड़े वाहन हटाए जाएं
- जगह-जगह लटके बिजली के तार दुरुस्त हों
- कार्य प्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी
- दीवारों पर पान की पीक नहीं होनी चाहिए
- कर्मचारी समय से कार्यालय में उपस्थित हों
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नगर निगम प्रशासन भी इन्हीं में से है। आज सूबे के नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना शहर में इस हकीकत से रू-ब-रू होंगे।
बीते 15 अप्रैल को दौरे पर आए नगर विकास मंत्री ने नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने देखा कि कार्यालय परिसर में कबाड़ के ढेर थे, डस्टबीन गंदे पड़े थे, चीफ इंजीनियर के कमरे में लगी घड़ी बंद थी।
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यही नहीं, कर्मचारियों की हाजिरी के लिए लगी बायोमैट्रिक मशीन खराब पड़ी थी। 17 कर्मचारी बगैर सूचना के गैरहाजिर मिले थे। यह सब देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए 20 मई यानी उनके इस दौरे तक हालात में मुकम्मल सुधार लाने के निर्देश दिए थे। पर हालात आज भी जस के तस हैं।
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पिछले दौरे पर मंत्री ने दिए थे ये निर्देश
- कार्यालय भवन का रंग-रोगन कराया जाए
- परिसर में खराब पड़े वाहन हटाए जाएं
- जगह-जगह लटके बिजली के तार दुरुस्त हों
- कार्य प्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी
- दीवारों पर पान की पीक नहीं होनी चाहिए
- कर्मचारी समय से कार्यालय में उपस्थित हों
आने से पहले शुरू हुआ रंगाई-पुताई का काम
नगर निगम कार्यालय की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई
- फोटो : अमर उजाला
मंत्री ने एक महीने पहले नगर निगम कार्यालय की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का निर्देश दिया था लेकिन यह काम गुरुवार को शुरू हुआ। भवन के टूटे शेडबैक को अब तक ठीक नहीं कराया गया बल्कि मंत्री को दिखाने के लिए बांस खड़े कर दिए गए हैं कि काम चल रहा है। कार्यालय परिसर में बिजली के तारों का जंजाल अब भी मुंह चिढ़ा रहा है।
स्वच्छता सर्वे में अव्वल, लोग गंदगी से परेशान
शहर के कई इलाकों में अब भी गंदगी फैली हुई है। यह हाल तब है जब शहर प्रदेश में सफाई में पहले स्थान पर है। पांडेयपुर फ्लाईओवर के नीचे गंदगी का ढेर लगा है। सर्विस रोड खस्ताहाल है। इसके अलावा नरिया, लंका, सामनेघाट, मछोदरी पार्क, ककरमत्ता, बड़ी बाजार, पांडेयपुर वीडीए कालोनी, आवास-विकास कालोनी, लालपुर में गंदगी का ढेर लगा है। कई इलाकों में सीवर घरों के सामने बह रहा है।
जूझ रहे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले
नगर निगम कार्यालय की दूसरी मंजिल पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आने वालों को जूझना पड़ रहा है। कमरा छोटा होने के चलते वहां बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। यहां रोजाना सौ-डेढ़ सौ प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। इस समय स्कूलों में दाखिले चल रहे हैं। ऐसे में यहां आने वालों की संख्या भी बढ़ गई है लेकिन निगम की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
निगम मुख्यालय पर पेयजल का संकट
नगर निगम मुख्यालय पर पेयजल का संकट है। एक निजी बैंक की ओर से प्रथम तल पर वाटर कूलर लगाया गया है मगर वह भी खराब ही रहता है। कार्यालय में काम से जाने वाले लोग पानी के लिए इस भीषण गर्मी में इधर-उधर भटकते हैं।