तस्वीरों में क्रिसमस का जश्न: आधी रात को जन्मा मरियम का लाल, हर तरफ गूंज उठे प्रभु के जन्म के गीत
वाराणसी में शनिवार का रात जैसे ही 12 बजे, शहर के सभी 44 छोटे बड़े चर्च में प्रभु यीशु के जन्म के गीत गूंजने लगे। झूमती है जिंदगी, झूमती क ली-कली, आज आया है मसीही...., चरनी में चमका चमकीला सितारा...। आदि गीत गाए। बधाई गीतों के बीच पुरोहितों ने प्रभु यीशु के जन्म की पूजा शुरू की।
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रंग-बिरंगी रोशनी से नहाये गिरजाघरों में सांझ ढलने के साथ ही उल्लास छा गया। मसीही समुदाय के लोगों की निगाहें घड़ी की सुइयों पर टिकी थीं। जैसे ही 12 बजे शहर के सभी 44 छोटे बड़े चर्च में प्रभु यीशु के जन्म के गीत गूंजने लगे। झूमती है जिंदगी, झूमती क ली-कली, आज आया है मसीही...., चरनी में चमका चमकीला सितारा...। आदि गीत गाए। बधाई गीतों के बीच पुरोहितों ने प्रभु यीशु के जन्म की पूजा शुरू की। मिस्सा पाठ के बीच मरियम के लाल का जन्म हुआ। बिशप समेत अन्य पुरोहितों और पादरियों ने प्रभु यीशु मसीह की छोटी कृति को परिसर में स्थापित चरनी की झांकी में बिराजा। इसके बाद फादर ने लोगों को मुक्तिदाता के आगमन का संदेश सुनाया। लोगों ने कैरल सुनकर, कैंडल जलाकर और केक काटकर यीशु मसीह के आगमन की खुशियां मनाई और एक दूसरे को बधाई दी। इस दौरान शहर के सभी चर्च रोशनी से जगमगा रहे थे। चर्च में बनाई गई प्रभु के जन्म की झांकी सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रही।
सेंट मेरिज महागिरजाघर में दो दिवसीय मेले का शुभारंभ रविवार से होगा। विभिन्न तरह के खाने के स्टॉल के साथ बच्चों व युवाओं के लिए झूले भी होंगे। क्रिसमस के उपलक्ष्य में चर्च में सुबह व शाम को विशेष प्रार्थना सभाएं होंगी। वहीं, महागिरजाघर में आने वाले पर्यटक प्रभु यीशु के जन्म पर आधारित कहानी का मंचन भी देख सकेंगे।
प्रभु यीशु के आगमन के पहले चर्चों में अलग-अलग सर्विस का आयोजन हुआ। लाल चर्च में बोन फायर सर्विस हुई। समुदाय के लोगाें ने प्रार्थना कर प्रभु के आगमन की खुशियां मनाईं।