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वाराणसी: चिटफंड कंपनी का निदेशक कोलकाता से गिरफ्तार, पांच करोड़ रुपये गबन करने का आरोपी

Wed, 29 Dec 2021 10:57 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 29 Dec 2021 10:57 PM IST
सार

पांच करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी चिटफंड कंपनी के निदेशक को ईओडब्लू वाराणसी यूनिट की टीम ने कोलकाता से गिरफ्तार किया है। तीन दिन बाद सोनभद्र कोर्ट उसकी पेशी होग।
 

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chit fund company Director arrested from Kolkata accused of cheating of five crores in varanasi sonbhadra
गिरफ्तार चिटफंड कंपनी का निदेशक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पांच साल पहले सोनभद्र में निवेशकों का पांच करोड़ लेकर फरार चिटफंड कंपनी के निदेशक को ईओडब्लू वाराणसी यूनिट की टीम ने बुधवार दोपहर कोलकाता से गिरफ्तार किया। आरोपी को कोलकाता बैरकपुर स्थित न्यायालय में पेश करने के बाद तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड लेकर सोनभद्र कोर्ट में पेश किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ साल 2015 में सोनभद्र के अनपरा थाने में कूटरचित दस्तावेज, धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शासन ने इसकी जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन वाराणसी यूनिट को सौंपी थी।

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ईओडब्लू वाराणसी यूनिट के इंस्पेक्टर सुनील वर्मा और निरीक्षक विंध्वासिनी मणि त्रिपाठी की टीम को सूचना मिली कि रियल एग्रो इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज लिमिटेड नामक चिटफंड कंपनी का आरोपी निदेशक मृत्युंजय विश्वास कोलकाता में रह रहा है। सूचना के आधार पर टीम कोलकाता गई और वहां स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद बबनपुर लोकगेट थाना टीटागढ़ जिला-24 नार्थ परगना से आरोपी मृत्युंजय को गिरफ्तार कर लिया।

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ईओडब्लू इंस्पेक्टर सुनील वर्मा के अनुसार चिट फंड कंपनी कोलकाता से ही वर्ष 2012 में रजिस्टर्ड कराई गई थी। कंपनी में अनपरा के कुछ लोग भी शामिल थे। कंपनी के संचालकों ने मुनाफे का प्रलोभन देकर सीधे साधे लोगों के पैसे जमा कराए। तीन वर्ष बाद कंपनी जनता को झांसा देकर उनके मेहनत की गाढ़ी कमाई लगभग पांच करोड़ रुपये लेकर भाग गई।

निवेशकों ने कंपनी के डायरेक्टरों और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ वर्ष 2015 में अनपरा थाने पर कूटरचित दस्तावेजों को तैयार कर धोखाधड़ी करने के आरोप में संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी मृत्युंजय कभी भी अपने मूल पते पर रहा ही नहीं, हमेशा पता और ठिकाना बदलकर रहता था। अधिकतर जगहों पर वह किराये के मकान में रहता था।
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