{"_id":"52a164e03ec6679248a35359a7a3e336","slug":"chirage-dair-award-for-singer-usha-mangeshkar-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर को ‘चिरागे दैर’ सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर को ‘चिरागे दैर’ सम्मान
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Mon, 22 Feb 2016 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर को रविवार की शाम प्रख्यात शायर मिर्जा गालिब की जयंती पर आयोजित समारोह में ‘चिरागे दैर’ सम्मान से नवाजा गया। उनके साथ बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा रहीं मधुबाला की छोटी बहन मधुर बृजभूषण को भी चिरागे दैर सम्मान दिया गया। मशहूर शायर मिर्जा गालिब की जयंती पर यह कार्यक्रम सामाजिक संस्था अक् की ओर से आयोजित किया गया।
छावनी क्षेत्र के एक होटल में आयोजित मिर्जा गालिब की जयंती पर रविवार की शाम छह बजे बॉलीवुड की जानी मानी पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर को चिरागे दैर सम्मान से नवाजा गया। इस मौके पर उनके परिवारीजनों में हृदयनाथ मंगेशकर के पुत्र आदिनाथ मंगेशकर, आरती मंगेशकर, भारती मंगेशकर, कृष्णा मंगेशकर भी मौजूद थीं। इस मौके पर उषा मंगेशकर भावुक नजर आईं।
उन्होंने मिर्जा गालिब की याद में आयोजित इस समारोह की सराहना की। इस इससे पहले उषा मंगेशकर ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। उषा ने बताया कि पहली बार उन्हें काशी में रात बिताने का मौका मिला है।
विज्ञापन
इससे करीब 40 साल पहले मन्ना डे के साथ वह जब इलाहाबाद एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं तब महज तीन घंटे के लिए उनका काशी आना हुआ था । इसके बाद यह उनकी दूसरी काशी यात्रा है। उल्लेखनीय है कि चिरागे दैर सम्मान पिछले पांच साल से यह पुरस्कार गालिब की जयंती पर दिया जाता है।
गालिब ने कभी काशी प्रवास के दौरान ही मनसबी के रूप में चिरागे दैर की रचना की थी।इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मोहनलाल त्यागी के शहनाई वादन से हुई। उप शास्त्रीय गायिका सुचरिता गुप्ता ने दादरा, ठुमरी की मोहक प्रस्तुति की। संचालन किया प्रो. राजेश्वर आचार्य ने। मौके पर अक् संस्था के संस्थापक स्वामी ओमा द अक् हितेश, अजय गुप्ता, अर्चना, सुमन पाठक, शाकिब भारत और काशिराज परिवार की राजकुमारी कृष्ण प्रिया उपस्थित थीं।
विज्ञापन
छावनी क्षेत्र के एक होटल में आयोजित मिर्जा गालिब की जयंती पर रविवार की शाम छह बजे बॉलीवुड की जानी मानी पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर को चिरागे दैर सम्मान से नवाजा गया। इस मौके पर उनके परिवारीजनों में हृदयनाथ मंगेशकर के पुत्र आदिनाथ मंगेशकर, आरती मंगेशकर, भारती मंगेशकर, कृष्णा मंगेशकर भी मौजूद थीं। इस मौके पर उषा मंगेशकर भावुक नजर आईं।
विज्ञापन
उन्होंने मिर्जा गालिब की याद में आयोजित इस समारोह की सराहना की। इस इससे पहले उषा मंगेशकर ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। उषा ने बताया कि पहली बार उन्हें काशी में रात बिताने का मौका मिला है।
विज्ञापन
इससे करीब 40 साल पहले मन्ना डे के साथ वह जब इलाहाबाद एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं तब महज तीन घंटे के लिए उनका काशी आना हुआ था । इसके बाद यह उनकी दूसरी काशी यात्रा है। उल्लेखनीय है कि चिरागे दैर सम्मान पिछले पांच साल से यह पुरस्कार गालिब की जयंती पर दिया जाता है।
गालिब ने कभी काशी प्रवास के दौरान ही मनसबी के रूप में चिरागे दैर की रचना की थी।इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मोहनलाल त्यागी के शहनाई वादन से हुई। उप शास्त्रीय गायिका सुचरिता गुप्ता ने दादरा, ठुमरी की मोहक प्रस्तुति की। संचालन किया प्रो. राजेश्वर आचार्य ने। मौके पर अक् संस्था के संस्थापक स्वामी ओमा द अक् हितेश, अजय गुप्ता, अर्चना, सुमन पाठक, शाकिब भारत और काशिराज परिवार की राजकुमारी कृष्ण प्रिया उपस्थित थीं।