रियलिटी चेक: वाराणसी में गोदाम से बिक रहा ‘मौत का मांझा’, पुलिस नहीं लगा पा रही लगाम
मकर संक्रांति को देखते हुए चोरी छिपे वाराणसी के गली, मोहल्ले और प्रमुख बाजारों में चीनी मांझे की बिक्री बढ़ गई है। आए दिन इसकी चपेट में आने से पशु-पक्षी भी घायल होते हैं।
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जानलेवा और प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस नहीं रोक पा रही है। लिहाजा, हर दिन चीनी मांझे का शहरवासी शिकार हो रहे हैं। आम लोग ही नहीं बल्कि बेजुबान भी चीनी मांझे से घायल हो रहे हैं। पिछले साल चीनी मांझे की जद में आकर बाइक सवार की मौत हो चुकी है। जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। कारोबारियों ने बिक्री का तरीका बदलते हुए अब गोदाम से बेच रहे हैं।
मकर संक्रांति को देखते हुए चोरी छिपे गली, मोहल्ले और प्रमुख बाजारों में चीनी मांझे की बिक्री बढ़ गई है। त्योहार से पहले ही दिल्ली, बरेली, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश केविभिन्न जिलों से चोरी छिपे जानलेवा चीनी मांझा शहर में आता है।
यहीं से पूर्वांचल और बिहार के विभिन्न जिलों में बिक्री की जाती है। आए दिन इसकी चपेट में आने से पशु-पक्षी भी घायल होते हैं। पतंगबाजी के शौकीन बड़े लोगों के साथ ही बच्चों के हाथ में भी चीनी मांझा आसानी से देखा जा सकता है।
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वाराणसी के इन इलाकों में बिक रहा चीनी मांझा
इसलिए खतरनाक होता है चीनी मांझा
जानकारों के अनुसार, चीनी मांझा मैटेलिक पाउडर, नायलॉन, लोहे व कांच के चूरे को मिलाकर बनाया जाता है, इस वजह से इसमें खिंचाव ज्यादा होता है और यह आसानी से टूटता नहीं है। चीनी मांझे की कीमत भी देसी मांझे से कम होती है।
अपर पुलिस आयुक्त, अपराध व मुख्यालय सुभाष चंद्र दुबे ने कहा कि प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा। इसके लिए सभी थानेदारों को निर्देशित किया गया है। यदि कहीं चोरी छिपे चीनी मांझे की बिक्री हो रही है तो उसकी जानकारी दे सकता है, उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा।-
650-750 रुपये प्रति किग्रा मिल रहा
वाराणसी में चीनी मांझे ,से हुई घटनाएं
8 जनवरी को सामनेघाट पुल पर गोला घाट रामनगर निवासी ओवैश अंसारी (62) का चीनी मांझे से नाक और गला कट गया। बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में कई टांके लगाए गए। वहीं आशापुर निवासी पवन कुमार सिंह भी मांझे में फंसकर घायल हो गए।
21 दिसंबर को लंका के सीर गोवर्धन निवासी दिलीप यादव (42) का डाफी में चीनी मांझे से हाथ कट गया। दिलीप को टांका लगवाना पड़ा। दाहिने हाथ की उंगली कट गई थी।
19 दिसंबर को कपसेठी बाजार में भदोही चौरी निवासी मोहम्मद कैफ और मोहम्मद सैफ का चीनी मांझे से गला कट गया। दोनों भाई शहर से भदोही स्थित घर लौटते समय घायल हुए।
15 दिसंबर को चौबेपुर के संदहा निवासी अनिल कुमार चौहान (45) का चीनी मांझे से नाक और गला कट गया। सारनाथ के लेढ़ूपुर स्थित स्कूल से बच्चों को लेकर लौटते समय लहूलुहान हुए।
एक नजर में
- अगस्त 2020 में चीनी मांझे ने पांडेयपुर क्षेत्र में चार साल की मासूम बच्ची कृतिका की जान ले ली थी। इसी मांझे से उसके पिता संदीप गुप्ता भी घायल हो गए थे।
- पांच जून 2021 को चौकाघाट फ्लाईओवर पर चीनी मांझे से औराई निवासी बाइक सवार मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव आकाश शुक्ला 30 वर्ष की मौत हो गई थी।
- 22 सितंबर 2021 को अर्दली बाजार के पार्वती नगर निवासी धनंजय राय 30 वर्ष चौकाघाट पुल चीनी मांझे से गंभीर रूप से घायल हुआ था।