जुमे की नमाज पर प्रशासन नजर आया एलर्ट, खुद तस्दीक करते रहे आला अधिकारी
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सीएए और एनआरसी के मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर जुमे के एक दिन शुक्रवार को जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। डीएम और एसपी, कमिश्नर, डीआइजी, आइजी सहित अन्य आला अधिकारियों ने शहर में जगह-जगह निरीक्षण किया और बजरडीहा, नई सड़क मदनपुरा सहित अन्य आशंकाग्रस्त क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती देखने को मिली।
जुमे की नमाज के मद्देनजर बेनिया पार्क के पास एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह और एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह ने जायजा लिया। जुमे की नमाज पर सुरक्षा के मद्देनजर नदेसर जमा मस्ज़िद पर तैनात पुलिस के जवानों की तैनाती रही।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल और आईजी विजय सिंह मीणा बजरडीहा में मौजूद रहे और नई सड़क दालमंडी मोड़ इलाके की अधिकतर दुकानें बंद रहीं। हालांकि लोगों ने भी इसमे सहयोग किया और मस्जिदों में नमाज अदा करने के बाद शांति के साथ घरों को चले गए।
बताते चलें कि प्रशासनिक आला अधिकारी लगातार अपील कर रहे हैं कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। इस दौरान प्रशासन की ओर सीएए एक्ट के बाबत पर्चे भी बांटे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों से सीधे संवाद करते हुए अधिकारियों ने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में दिए गए प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। समझाया कि भारत के किसी भी नागरिक को इससे भय खाने की आवश्यकता नहीं है।
नागरिकता कानून विरोध प्रकरण में बच्चे नहीं होंगे गिरफ्तार
वाराणसी के बजरडीहा क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद जुलूस निकालकर और पुलिस पर पथराव कर माहौल बिगाड़ने की जिन लोगों ने साजिश रची और जो इसमें शामिल रहे, सिर्फ वही गिरफ्तार होंगे। पुलिस बच्चों को गिरफ्तार नहीं करेगी।
इसके लिए पुलिस और क्षेत्रीय लोगों का बयान दर्ज कर पथराव से संबंधित वीडियो और फोटो की तस्दीक करने का काम जारी है। इस प्रकरण की जांच एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र की निगरानी में की जा रही है। बीते 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बजरडीहा क्षेत्र में निकले जुलूस में ज्यादातर किशोर और युवक थे।
पथराव के बाद लाठीचार्ज हुआ तो भगदड़ में एक बच्चे की मौत हो गई थी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बृहस्पतिवार को बताया कि हमारा पूरा ध्यान इस बात पर है कि कोई निर्दोष कानूनी कार्रवाई की जद में न आए। इसलिए बजरडीहा के जुलूस और पथराव से संबंधित प्रत्येक वीडियो और फोटो की इत्मीनान से तस्दीक कराई जा रही है।
किसी पुलिसकर्मी ने यदि इस प्रकरण में किसी को फर्जी तरीके से फंसाने की कोशिश की तो वह विभागीय कार्रवाई की जद में आएगा। इसी तरह से मदनपुरा और नदेसर क्षेत्र में निकाले गए जुलूस के जो वास्तविक जिम्मेदार लोग हैं, सिर्फ उन्हीं पर कार्रवाई होगी।
एसएसपी ने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अफवाह फैलाने, जुलूस निकालने और पथराव से संबंधित हाल के दिनों में दर्ज 10 मुकदमों की विवेचना निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से कराई जा रही है। हमारा प्रयास है कि आगामी पांच जनवरी तक तीन से चार मुकदमे की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी जाए।
एसएसपी ने कहा कि घर के बड़े बुजुर्ग किशोरों और युवकों को समझाएं कि वो किसी के झांसे में आकर जुलूस और प्रदर्शन में शामिल न हों। मुकदमा दर्ज होने के बाद जेल जाना पड़ेगा और उनका भविष्य चौपट हो जाएगा।
माहौल बिगाड़ने वाले तरह-तरह की बातें कर उकसाते हैं, ऐसे लोगों से दूर रहने में ही भलाई है। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर किसी को कोई आपत्ति है तो वह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी के पास जाकर बातचीत करें और अपना ज्ञापन दें।