जौनपुर: छत पर खेल रहे तीन बच्चे करंट से झुलसे, एक की मौत, गंभीर हालत में वाराणसी रेफर
मछलीशहर कोतवाली के कौरहा गांव में हादसा हुआ। बच्चों के 80 फीसद तक झुलस जाने के कारण हायर सेंटर रेफर किया गया।
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जौनपुर के मछलीशहर कोतवाली के कौरहा गांव में छत के समीप से गुजरे 11 हजार वोल्ट के विद्युत तार की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से एक बच्ची की मौत हो गई है, जबकि दो की हालत गंभीर होने पर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया है। वहीं घटना से नाराज ग्रामीणों ने नगर से गुजरे रायबरेली जौनपुर मार्ग को बरईपार चौराहे पर जाम कर दिया।
कौरहा गांव निवासी शंकरलाल गुप्ता ( लल्लू राम) के दो प्रपौत्र प्रिंस (09) पुत्र श्यामलाल और प्रतीक (05) पुत्र विकास गुप्ता और उनकी पोती परी (02) पुत्री भजन राम मंगलवार की शाम को घर की छत पर खेल रही थीं। उनके घर की छत के बिल्कुल बगल से 11 हजार वोल्टेज का तार गया है। खेलते हुए बच्चे तार के संपर्क में आ गए। इस समय बिजली की आपूर्ति हो रही थी, जिससे तीनों बच्चे झुलस गए। लोगों ने पावर हाउस पर फोन कर आपूर्ति बंद करवाई।
80 फीसद झुलस गए हैं बच्चे
घटना की सूचना पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक राम प्रवेश कुशवाहा और कस्बा इंचार्ज केके चौधरी पहुंच गए। परिजनों के साथ तीनों झुलसे बच्चों को अस्पताल भेजवाया। बच्चों के 80 फीसद तक झुलस जाने के कारण सभी को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां परी को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि प्रिंस और प्रतीक की हालत गंभीर होने पर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों ने बरईपार चौराहे पर लगाया जाम
वहीं घटना से नाराज कौरहा गांव के ग्रामीणों ने घटना से आक्रोशित होकर नगर से गुजरे रायबरेली जौनपुर मार्ग को बरईपार चौराहे पर जाम कर दिया है। उनकी मांग थी कि घटना के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराए साथ ही घर के समीप से गया पोल हटाया जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं, कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामप्रवेश कुशवाहा और सब इंस्पेक्टर विजय दिवाकर मौके पर पहुंच कर लोगों समझाया। आधे घंटे के बाद पुलिस ने धरना समाप्त करवाकर आवागमन बहाल करवाया।
इस संदर्भ में मछलीशहर के एसडीओ अमर सिंह का कहना है कि बिजली की लाइन पहले खींची गई है और मकान बाद में बना है। जांच में पता चला है कि घटना तार में फंसी पतंग को लोहे के रॉड से निकालने के कारण हुई हैं। तार से बच्चे स्पर्श नहीं किए थे। खंभा हटवाने के बाबत कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत आएगी तो विभाग समाधान करने का प्रयास करेगा। लटकते जर्जर तार बदलवाने के लिए विभाग को इस्टीमेट भेजा गया है। धन प्राप्त होने के बाद जर्जर तार बदलने का काम आरंभ होगा।