पिता ने बच्चे को पीटा तो घर पहुंची चाइल्ड लाइन की टीम, मिली चेतावनी
भले आपने अपने अभिभावकों के हाथों मार खाकर जीवन में सफलता का नया मुकाम हासिल किया हो, लेकिन अब यह बीते दौर की बात हो गई है। अब बच्चों को पीटना न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि ऐसा करने पर सजा का भी प्राविधान है। बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में घटी यह घटना उन अभिभावकों के लिए चेतावनी है, जो आए दिन अपने बच्चों को अनायास ही पीट देते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस के दिन रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव के एक ग्रामीण ने न्याय पीठ बाल कल्याण समिति के सदस्य राजू सिंह को फोन करके बताया कि गांव के नारायण दत्त तिवारी आए दिन अपने 14 साल के बच्चे को मारते-पीटते हैं। उसने मामले का वीडियो भी न्यायिक सदस्य को भेजा।
वीडियो देखने के बाद न्यायिक सदस्य ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया। चाइल्ड लाइन के समन्वयक युसुफ खान के नेतृत्व में चाइल्ड लाइन के सदस्य गणेश गुप्ता और थाने के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी अखिलेश नारायण सिंह के साथ टीम दुर्जनपुर भेजी। चाइल्ड लाइन व पुलिस अधिकारी बच्चे के पिता से मिले और वीडियो दिखाते हुए पिता की कारस्तानी पर कड़ी आपत्ति जताई।
चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसा करने पर बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। यही नहीं पिता से लिखित आश्वासन लिया कि आज के बाद ऐसी गलती उनकी ओर से नहीं होगी। न्यायिक सदस्य राजू सिंह ने बताया कि कोई व्यक्ति अथवा अभिभावक यदि अपने बच्चे को मारता-पीटता है, हमला करता है, परित्याग करता है, उत्पीड़न करता है, जानबूझकर उपेक्षा करता है, बच्चे को शारीरिक व मानसिक कष्ट देता है तो उसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत सजा मिलेगी।