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Child care in winter: इस मौसम में लापरवाही से बच्चों में निमोनिया का खतरा, वाराणसी CMO ने बताए बचाव के टिप्स
Wed, 04 Jan 2023 10:39 AM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Wed, 04 Jan 2023 10:39 AM IST
सार
बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इस कारण बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम और बुखार की समस्या आती हैं। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि शीतलहर में बच्चों को बिना कार्य के बाहर निकालने से बचना चाहिए। साथ ही गर्म ऊनी कपड़े से सिर, गला, हाथ और पैरों को ढक कर रखें।
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ठंड पडने से बच्चे को गर्म कपडे पहनाकर जाती युवती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बदलते मौसम में बड़ों, बुजुर्गों के साथ ही बच्चों की सेहत के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बाल रोग विशेषज्ञ अभिभावकों को बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
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बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इस कारण बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम और बुखार की समस्या आती हैं। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि शीतलहर में बच्चों को बिना कार्य के बाहर निकालने से बचना चाहिए। साथ ही गर्म ऊनी कपड़े से सिर, गला, हाथ और पैरों को ढक कर रखें। विटामिन-सी की प्रचुरता वाले फल और सब्जी का अधिक सेवन करें, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता तथा तापमान को नियंत्रित रखती है। मंडलीय अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मृदुला मलिक ने बताया कि ठंड में बच्चों की देखभाल ही उसे बीमारी से बचाने का सर्वोत्तम उपाय है। अगर किसी तरह की समस्या दिखे तो बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए।
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ये बरतनी चाहिए सावधानी
-बच्चों को ठंडा पानी नहीं पिलाना चाहिए।
-शिशु का बिस्तर गर्म रखें, सुलाने से पहले हॉट वाटर बॉटल से बिस्तर गर्म कर लें।
-दो साल तक बच्चों को स्तनपान जरूर कराएं।
-बच्चे में यदि बुखार के लक्षण लगे तो उसे पालक, मेथी, बथुआ, टमाटर या हरे धनिए का सूप बनाकर दे सकते हैं।
-रोज नहलाने की जगह गुनगुने पानी में टॉवल भिगोकर स्पॉजिंग करनी चाहिए।