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कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने का बीड़ा
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वाराणसी। जिले में अति कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने की जिम्मेदारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को दी गई है। शिक्षा विभाग की ओर से दो-दो आंगनबाड़ी केंद्र प्रधानाचार्यों को गोद लेने के साथ ही यहां हर महीने बच्चों में पोषण पोटली बांटने को कहा गया है। साथ ही विभाग की ओर से भी इसकी समय-समय पर मानीटरिंग की जाएगी।
बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास विभाग, रेडक्रास सोसाइटी, आईएमए सहित अन्य विभागों की ओर से जागरूकता के साथ ही पोषण पोटली बांटी जा रही है। अब शिक्षा विभाग भी इसके लिए आगे आया है।
राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में शनिवार को हुई बैठक में इसका प्रस्ताव प्रधानाचार्यों के समक्ष दिया गया है, जिसे सभी ने सहर्ष स्वीकार किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि सहायता प्राप्त और राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दो-दो आंगनबाड़ी केंद्र आवंटित कर वहां अतिकुपोषित बच्चों की सेहत की देखभाल करते रहने को कहा गया है। साथ ही स्वेच्छा से महीने में एक या दो बार पोषण पोटली बांटने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अलावा बोर्ड परीक्षा फार्म के चालान के सत्यापन आदि पर भी चर्चा की गई।
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बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास विभाग, रेडक्रास सोसाइटी, आईएमए सहित अन्य विभागों की ओर से जागरूकता के साथ ही पोषण पोटली बांटी जा रही है। अब शिक्षा विभाग भी इसके लिए आगे आया है।
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राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में शनिवार को हुई बैठक में इसका प्रस्ताव प्रधानाचार्यों के समक्ष दिया गया है, जिसे सभी ने सहर्ष स्वीकार किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि सहायता प्राप्त और राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दो-दो आंगनबाड़ी केंद्र आवंटित कर वहां अतिकुपोषित बच्चों की सेहत की देखभाल करते रहने को कहा गया है। साथ ही स्वेच्छा से महीने में एक या दो बार पोषण पोटली बांटने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अलावा बोर्ड परीक्षा फार्म के चालान के सत्यापन आदि पर भी चर्चा की गई।
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