फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Chhath Puja After fasting for 36 hours women will offer arghya to the sun folk songs will be sung

Chhath Puja: 36 घंटे व्रत के बाद आज डूबते और कल उगते सूर्य को अर्घ्य देंगी महिलाएं, इन लोकगीतों की रहेगी धूम

Sun, 30 Oct 2022 07:35 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 30 Oct 2022 07:35 AM IST
सार

36 घंटे के कठिन व्रत के दौरान छठ मैया के गीत गाए जाते हैं। ये वे लोकगीत हैं, जो मैथिली, भोजपुरी, मगही, अवधी में हैं। ‘सेविले चरन तोहार हे छठी मइया, कांचे ही बांस के बहंगिया, मरबो रे सुगवा धनुष से सुगा गिरे मुरझाय, कईली बरतिया तोहार हे छठी मैया, दर्शन दीहीं हे आदित देव, कौन दिन उगी छई हे दीनानाथ जैसे गीत गाए जाएंगे। 

विज्ञापन
Chhath Puja After fasting for 36 hours women will offer arghya to the sun folk songs will be sung
छठ गीत - फोटो : यूट्यूब

विस्तार

पश्चिम के क्षितिज पर डूबते सुनहरे सूरज व फिर ऊषा काल में पूर्व से उगते सूर्य को अर्घ्य देते समय और 36 घंटे के कठिन व्रत के दौरान छठ मैया के गीत गाए जाते हैं। ये वे लोकगीत हैं, जो मैथिली, भोजपुरी, मगही, अवधी में हैं। ‘सेविले चरन तोहार हे छठी मइया, कांचे ही बांस के बहंगिया, मरबो रे सुगवा धनुष से सुगा गिरे मुरझाय, कईली बरतिया तोहार हे छठी मैया, दर्शन दीहीं हे आदित देव, कौन दिन उगी छई हे दीनानाथ जैसे गीत गाए जाएंगे। 
विज्ञापन

  
शिक्षक बेटी छुट्टी लेकर पूजा करने आई
टकटकपुर निवासी कमला सिंह ने खरना की पूरी तैयारी कर ली है। रसिआव यानी गुड़, चावल व गाय के दूध से तैयार खीर बना ली है। उन्होंने बताया कि बेटी डॉ. स्वाति गौतम आंध्र प्रदेश के चित्तूर में शिक्षक है। पहली बार जब स्वाति ने व्रत रखा था तो लगा था कि नौकरी के साथ पूजा कैसे हो पाएगी, पर आस्था जीत गई। 
विज्ञापन

 

Chhath Puja After fasting for 36 hours women will offer arghya to the sun folk songs will be sung
छठ पूजा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

रामनगर में पांच से हजारों परिवार तक पहुंचा पर्व
रामनगर में छठ पर्व का चलन हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। कुछ साल पहले तक कुछ परिवार ही छठ का व्रत रखते थे। अब हर मुहल्ले में डाला छठ के गीत गूंजते हैं। पहले सिर्फ काशीराज घराने और उनसे जुड़े परिवार ही छठ मनाते थे। काशीराज परिवार की महिलाएं खुद तो घाट पर नहीं जाती थीं, लेकिन उनका डाला जरूर पहुंचता था। आज भी यह परंपरा जारी है। इस परिवार के लिए बलुआघाट पर आज भी जगह आरक्षित रहती है। सिर्फ बलुआ घाट पर ही डाला छठ पूजन का आयोजन होता था, लेकिन अब सभी घाटों पर व्रती महिलाओं और उनके परिवारों की भीड़ होती है। 
पालिकाध्यक्ष रेखा शर्मा की देखरेख में कर्मी बलुआ घाट को ठीक करने में जुटे रहे। विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने शनिवार सुबह बलुआ घाट, रामबाग पोखरे का निरीक्षण किया। 

गंगा घाटों पर हुई बैरिकेडिंग, बने चेंजिंग रूम
गंगा घाटों पर नगर निगम ने शनिवार को बैरिकेडिंग कराई। पक्के घाटों से सिल्ट की सफाई हुई। अधिक भीड़ वाले घाटों को सूखा छोड़ा गया। ताकि लोगों के आवागमन और पूजा पाठ में समस्या ना हो। निदेशक सूडा यशु रस्तोगी, नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने घाटों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
घाटों पर चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। पूजा के दिन मोबाइल टायलेट और पेयजल के लिए दस टैंकर लगाए जाएंगे। नगर आयुक्त ने बताया कि घाटों पर 326 डस्टबिन लगाए गए हैं। दशाश्वमेध, अस्सी, केदारघाट, राजघाट, सिंधिया और कामेश्वर घाट पर अर्पण कलश लगाया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed