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Chhath Puja 2024: घाट पर बनीं वेदियों पर नेता, पुलिस थाने, एयर इंडिया और बैंक के नाम, ऐसे आरक्षित की जगह
Thu, 07 Nov 2024 09:05 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 07 Nov 2024 09:05 AM IST
सार
Chhath Puja 2024: छठ महापर्व की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। घाटों पर वेदियां सज गई हैं। यहां जगह-जगह नाम लिखकर छठ पूजा के लिए लोगों ने अपना स्थान आरक्षित किया है।
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शास्त्री घाट पर वेदी की पूजा के लिए पुलिस लाइन की ओर से आरक्षित की गई है जगह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोक आस्था का महापर्व छठ का पहला अर्घ्य सात नवंबर को दिया जाएगा। घाट और कुंडों पर वेदी बनाकर उसे आरक्षित कर लिया गया है। वरुणा पुल स्थित शास्त्री घाट पर पुलिस, नेता और सरकारी विभागों के कर्मचारियों के नाम पर घाटों पर अपनी जगह आरक्षित कर ली गई। बाकायदा वेदी बनाने के साथ लोगों ने अपने पद का रौब दिखाने का प्रयास किया है। वेदियों के पास किसी ने अमुक पार्टी का जिलाध्यक्ष, किसी ने रिजर्व पुलिस लाइन तो किसी ने कैंट थाना लिख रखा है।
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गंगा के तट से वरुणा किनारे तक जगह-जगह वेदियां सजकर तैयार हो चुकी हैं। वरुणा पार शास्त्री घाट पर वेदियों के स्थान पर तो लोगों ने अपने-अपने नाम भी लिख रखे हैं। भीड़ से बचने और अपनी जगह को सुरक्षित करने के लिए वेदियों पर नाम और पद लिखने की कवायद काफी पुरानी है।
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'वेदियों पर नाम-पद लिखना उचित नहीं'
कुछ लोगों का कहना है कि लोग भीड़ से पूजा-पाठ में व्यवधान से बचने के लिए ऐसा करते हैं। वहीं कुछ का कहना है कि यह वेदियों पर नाम-पद लिखना पूजा-पाठ जैसे पवित्र कार्य के लिए उचित नहीं है।
वरुणा पार के राजेंद्र द्विवेदी का कहना है कि वेदी केवल इसलिए बनाई जाती है जिससे उस जगह पर परिवार के लोग आकर पूजा-पाठ कर सकें, लेकिन यह परंपरा ठीक नहीं है कि उस पर अपना नाम लिखा जाए। परंपरा यह है कि जिस वेदी का निर्माण किया जाता है, उसकी रक्षा लोग चार दिन तक रुककर करते हैं।
वरुणा पार के राजेंद्र द्विवेदी का कहना है कि वेदी केवल इसलिए बनाई जाती है जिससे उस जगह पर परिवार के लोग आकर पूजा-पाठ कर सकें, लेकिन यह परंपरा ठीक नहीं है कि उस पर अपना नाम लिखा जाए। परंपरा यह है कि जिस वेदी का निर्माण किया जाता है, उसकी रक्षा लोग चार दिन तक रुककर करते हैं।