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चेहल्लुम मनाने उमड़ा जन सैलाब
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वाराणसी। शहीदाने कर्बला का 1381वां चेहल्लूम पूरी अकीदत ऐहतेराम के साथ मनाया गया। सुबह से शुरू होकर देर रात तक जुलूसों का सिलसिला जारी रहा। शहर में अलग-अलग जगहों पर अलम और दुलदुल का जुलूस भी उठा। शिवपुर में अंजुमन पंजतनी ने नौहा मातम के साथ जुलूस उठाया। इस दौरान हाय हुसैन-हाय शहीदाने क र्बला का नौहा पढ़ा गया। जियारत करने वालों में मर्द और ख्वातीन हर जगह मौजूद रहे। उधर घरों में भी ख्वातीन ने इमाम की फातेहा कराई।
अर्दली बाजार में इमामिया के तत्वावधान में अमारी, दुलदुल, अलम, ताबूत का जुलूस उठाया गया। इसमें बड़ी तादात में लोग जियारत करने उमड़े। शहर की कई अंजुमनों ने अपने-अपने अंदाज में दर्द भरे नौहे पेश किए। उलेमा ने नूरानी तकरीर पेश की। जुलूस नौहा मातम के साथ मास्टर जहीर के इमामबाड़े पर समाप्त हुआ। दालमंडी से तीन जुलूस उठाए गए। दो अंजुमन हैदरी चौक और एक अंजुमन जव्वादिया के तत्वाधान में उठा। अपने कदीमी रास्तों से होते हुए जुलूस दरगाहे फातमान तक पहुंचा।जुलूस में कई ताबूत, दर्जनों अलम, दुलदुल और ताजिए की जियारत के लिए लोग उमड़ पडे़े। काली महल में मातमी अंजुमन जव्वादिया के तत्वावधान में जुलूस उठाया गया। मदनपुरा से अहलेसुन्नत का जुलूस उठा। शिवाला में भी दो जूलूस उठे। वहीं रामनगर में उठा जुलूस नौहा मातम के साथ हसनबाग टेंगरामोड़ पर जाकर समाप्त हुआ। रास्ते में लोगों ने जियारत की। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयद फरमान हैदर ने बताया कि यू तो इमाम हुसैन का रौजा इराक में है, जहां करोड़ों लोग जियारत करने पहुंचे हैं। बताया कि वाराणसी में इमाम का रौजा दरगाहे फातमान लल्लापुरा और सदर इमामबाड़ा लाटसरैया और रामनगर में है। यहां रविवार को बड़ी संख्या में लोग जियारत करने पहुंचे। इसके अलावा वक्फ इमामबाड़ा व मस्जिद मीर इमाम अली और मेंहदी बेगम गोविंदपुरा से 20 सफर चेहल्लुम का अलम व ताजिया का जुलूस निकला। मुतवल्ली सैय्यद मुनाजिर हुसैन मंजू के जेरे एहतेमाम में जुलूस उठा। इसके पूर्व बाकर साहब ने मजलिस को खिताब फरमाया। इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र किया।
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अर्दली बाजार में इमामिया के तत्वावधान में अमारी, दुलदुल, अलम, ताबूत का जुलूस उठाया गया। इसमें बड़ी तादात में लोग जियारत करने उमड़े। शहर की कई अंजुमनों ने अपने-अपने अंदाज में दर्द भरे नौहे पेश किए। उलेमा ने नूरानी तकरीर पेश की। जुलूस नौहा मातम के साथ मास्टर जहीर के इमामबाड़े पर समाप्त हुआ। दालमंडी से तीन जुलूस उठाए गए। दो अंजुमन हैदरी चौक और एक अंजुमन जव्वादिया के तत्वाधान में उठा। अपने कदीमी रास्तों से होते हुए जुलूस दरगाहे फातमान तक पहुंचा।जुलूस में कई ताबूत, दर्जनों अलम, दुलदुल और ताजिए की जियारत के लिए लोग उमड़ पडे़े। काली महल में मातमी अंजुमन जव्वादिया के तत्वावधान में जुलूस उठाया गया। मदनपुरा से अहलेसुन्नत का जुलूस उठा। शिवाला में भी दो जूलूस उठे। वहीं रामनगर में उठा जुलूस नौहा मातम के साथ हसनबाग टेंगरामोड़ पर जाकर समाप्त हुआ। रास्ते में लोगों ने जियारत की। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयद फरमान हैदर ने बताया कि यू तो इमाम हुसैन का रौजा इराक में है, जहां करोड़ों लोग जियारत करने पहुंचे हैं। बताया कि वाराणसी में इमाम का रौजा दरगाहे फातमान लल्लापुरा और सदर इमामबाड़ा लाटसरैया और रामनगर में है। यहां रविवार को बड़ी संख्या में लोग जियारत करने पहुंचे। इसके अलावा वक्फ इमामबाड़ा व मस्जिद मीर इमाम अली और मेंहदी बेगम गोविंदपुरा से 20 सफर चेहल्लुम का अलम व ताजिया का जुलूस निकला। मुतवल्ली सैय्यद मुनाजिर हुसैन मंजू के जेरे एहतेमाम में जुलूस उठा। इसके पूर्व बाकर साहब ने मजलिस को खिताब फरमाया। इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र किया।
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