{"_id":"5a12aec34f1c1b86698bcc26","slug":"central-home-minister-rajnath-singh-in-varanasi-tour","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किया रुद्रहोम यज्ञ, बाबा विश्वनाथ से लेकर काशी के कोतवाल तक लगाई हाजिरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किया रुद्रहोम यज्ञ, बाबा विश्वनाथ से लेकर काशी के कोतवाल तक लगाई हाजिरी
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:28 AM IST
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार दोपहर को वाराणसी पहुंचे। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को स्वर्ण शिखरों वाले बाबा विश्वनाथ के दरबार से लेकर काशी के कोतवाल काल भैरव तक हाजिरी लगाई।
ढुंढिराज गणेश के बाद जगत की पालनहारिणी मां अन्नपूर्णा के चरणों में भी शीश नवाया और ग्रह निवारण के लिए शनिदेव मंदिर में दीप जलाए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र की उन्नति और समाज की खुशहाली के लिए सिद्धपीठों में कामना की।
मान्यता है कि सर्वप्रथम गौरी गणेश का पूजन करने के बाद ही बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करना चाहिए। गृहमंत्री ने वैदिक परंपरा के तहत पहले ढुंढ़िराज गणेश को दूर्वा अर्पित किया। इसके बाद गौरी स्वरूप माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे।
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फिर वह बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे। वहां विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी के आचार्यत्व में पंचोपचार पूजन के बाद बाबा का वैदिक मंत्रोच्चार से रुद्राभिषेक किया। इस दौरान सात वैदिक आचार्यों के सस्वर मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
इसके बाद गृहमंत्री बाबा के यज्ञमंडप में पहुंचे। वहां न्यासाध्यक्ष ने रुद्रहोम यज्ञ कराया। गृहमंत्री ने सर्वबाधा निवारण की कामना से आहुति दी। न्यासाध्यक्ष ने उन्हें बाबा का प्रतीक चित्र और अंगवस्त्रम प्रसाद के रूप में भेंट किया।
इसके बाद उन्होंने काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का तैलाभिषेक किया। यहां महंत नवीन गिरी की मौजूदगी में पुजारियों ने पूजन कराया। गृहमंत्री ने पहली बार एक साथ काशी के प्रमुख मंदिरों में हाजिरी लगाई।
इससे पहले अन्नपूर्णा मंदिर में महंत रामेश्वरपुरी महाराज ने मां की आराधना के बाद उनको आशीर्वाद दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा, महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, भाजपा के प्रदेश मंत्री शंकर गिरि के अलावा प्रशासनिक उच्चाधिकारी मौजूद थे।
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ढुंढिराज गणेश के बाद जगत की पालनहारिणी मां अन्नपूर्णा के चरणों में भी शीश नवाया और ग्रह निवारण के लिए शनिदेव मंदिर में दीप जलाए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र की उन्नति और समाज की खुशहाली के लिए सिद्धपीठों में कामना की।
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मान्यता है कि सर्वप्रथम गौरी गणेश का पूजन करने के बाद ही बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करना चाहिए। गृहमंत्री ने वैदिक परंपरा के तहत पहले ढुंढ़िराज गणेश को दूर्वा अर्पित किया। इसके बाद गौरी स्वरूप माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे।
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फिर वह बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे। वहां विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी के आचार्यत्व में पंचोपचार पूजन के बाद बाबा का वैदिक मंत्रोच्चार से रुद्राभिषेक किया। इस दौरान सात वैदिक आचार्यों के सस्वर मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
इसके बाद गृहमंत्री बाबा के यज्ञमंडप में पहुंचे। वहां न्यासाध्यक्ष ने रुद्रहोम यज्ञ कराया। गृहमंत्री ने सर्वबाधा निवारण की कामना से आहुति दी। न्यासाध्यक्ष ने उन्हें बाबा का प्रतीक चित्र और अंगवस्त्रम प्रसाद के रूप में भेंट किया।
इसके बाद उन्होंने काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का तैलाभिषेक किया। यहां महंत नवीन गिरी की मौजूदगी में पुजारियों ने पूजन कराया। गृहमंत्री ने पहली बार एक साथ काशी के प्रमुख मंदिरों में हाजिरी लगाई।
इससे पहले अन्नपूर्णा मंदिर में महंत रामेश्वरपुरी महाराज ने मां की आराधना के बाद उनको आशीर्वाद दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा, महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, भाजपा के प्रदेश मंत्री शंकर गिरि के अलावा प्रशासनिक उच्चाधिकारी मौजूद थे।
आईएसआईएस को जड़ जमाने नहीं देंगे हिंदुस्तान के मुसलमान
अभिवादन करते हुये गृह मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान में रहकर इस्लाम को मानने वाले मुसलमान किसी भी सूरत में आईएसआईएस को जड़ें जमाने का मौका नहीं देंगे। अभी तक देश में आईएसआईएस के दखल के कहीं भी प्रमाण नहीं मिले हैं।
डोकलम विवाद के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि भारत के साथ चीन बेहतर संबंध बनाए रखना चाहता है। इस तरह की इच्छा चीन के राष्ट्रपति ने खुद जताई है। विश्वनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक और यज्ञ के बाद छत्ताद्वार पर वह पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
हाल में ही कश्मीर में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस द्वारा लेने और जम्मू-कश्मीर में इस आतंकी संगठन की दखल बढ़ने के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी तक देश में आईएसआईएस की जड़ें जमने की पुष्टि ही नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि हिंदुस्तान में रहने वाले और इस्लाम को मानने वाले किसी भी सूरत में आईएसआईएस को जड़ जमाने का मौका नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि यह बात वह तथ्यों के आधार पर कह रहे हैं।
आईएसआईएस के दावे के सवाल पर कहा कि दावा कोई भी करे, लेकिन जह तक उसके बारे में प्रमाण न मिल जाएं, कुछ नहीं कहा जा सकता। आईएसआईएस द्वारा जारी एक लिस्ट में यूपी के सीएम को निशाने पर रखने के सवाल पर उनका कहना था कि खुफिया एजेंसिया काम कर रही हैं।
इस संबंध में जो भी तथ्य और इनपुट आते हैं, उस आधार पर कदम उठाए जाएंगे। डोकलम विवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति भारत के साथ अच्छे संबंध बना कर रखना चाहते हैं।
इसकी वह इच्छा जता चुके हैं। उन्होंने निकाय चुनाव पर कहा कि प्रदेश की जनता की फर्स्ट और नेचुरल च्वाइस अगर कोई पार्टी है तो वह भारतीय जनता पार्टी है।
डोकलम विवाद के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि भारत के साथ चीन बेहतर संबंध बनाए रखना चाहता है। इस तरह की इच्छा चीन के राष्ट्रपति ने खुद जताई है। विश्वनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक और यज्ञ के बाद छत्ताद्वार पर वह पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
हाल में ही कश्मीर में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस द्वारा लेने और जम्मू-कश्मीर में इस आतंकी संगठन की दखल बढ़ने के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी तक देश में आईएसआईएस की जड़ें जमने की पुष्टि ही नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि हिंदुस्तान में रहने वाले और इस्लाम को मानने वाले किसी भी सूरत में आईएसआईएस को जड़ जमाने का मौका नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि यह बात वह तथ्यों के आधार पर कह रहे हैं।
आईएसआईएस के दावे के सवाल पर कहा कि दावा कोई भी करे, लेकिन जह तक उसके बारे में प्रमाण न मिल जाएं, कुछ नहीं कहा जा सकता। आईएसआईएस द्वारा जारी एक लिस्ट में यूपी के सीएम को निशाने पर रखने के सवाल पर उनका कहना था कि खुफिया एजेंसिया काम कर रही हैं।
इस संबंध में जो भी तथ्य और इनपुट आते हैं, उस आधार पर कदम उठाए जाएंगे। डोकलम विवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति भारत के साथ अच्छे संबंध बना कर रखना चाहते हैं।
इसकी वह इच्छा जता चुके हैं। उन्होंने निकाय चुनाव पर कहा कि प्रदेश की जनता की फर्स्ट और नेचुरल च्वाइस अगर कोई पार्टी है तो वह भारतीय जनता पार्टी है।
अद्भुत प्रतिभा के धनी थे मनु शर्मा
मनु शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रृ्द्धांजलि देते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
पद्मश्री साहित्यकार मनु शर्मा की तेरहवीं पर सोमवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह अद्भुत प्रतिभा और काल्पनिक क्षमता के धनी थे। श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि वह उन्हें न तो शर्मा जी और न ही पंडित जी कहकर पुकारते थे।
हमेशा बाबूजी कहते थे। बाबूजी जब तक जीवित रहे समाज के लिए सोचा और योगदान किया। साहित्य और समाज में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। नाटी इमली स्थित गणेश मंडपम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में गृहमंत्री ने ‘फेरी वाला रचनाकार’ पुस्तक का विमोचन किया।
उन्होंने बताया कि ‘पहली बार 1992-93 में उनकी बाबूजी से मुलाकात लखनऊ स्थित आवास पर हुई थी। तब मैं प्रदेश का शिक्षामंत्री था। वे बोलना शुरू करते थे तो कभी शब्दों को गढ़ने और चयन करने में अधिक परिश्रम नहीं करना पड़ता था। उनकी अभिव्यक्ति में सहजता थी।
उनसे मिलने, सुनने, समझने के बाद आनंद की अनुभूति होती थी। वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि पंडित मनु शर्मा के साथ काफी समय गुजारा। उनकी कमी आशीर्वाद के लिए खलेगी। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को हमेशा याद किया जाएगा।
श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के मंत्री ब्रजेश पाठक, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह, भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, देवी प्रसाद द्विवेदी, विधायक सुशील सिंह, अवधेश सिंह, शंकर गिरी, मणिशंकर पांडेय सहित विभिन्न दलों के नेता और शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए।
श्रद्धांजलि सभा में मनु शर्मा के जीवन पर आधारित वृत्त चित्र ‘महायुद्ध के सारथी’ का प्रदर्शन किया गया। गृहमंत्री के आगमन से पहले वरिष्ठ पार्टी नेता कलराज मिश्र भी यहां श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
हमेशा बाबूजी कहते थे। बाबूजी जब तक जीवित रहे समाज के लिए सोचा और योगदान किया। साहित्य और समाज में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। नाटी इमली स्थित गणेश मंडपम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में गृहमंत्री ने ‘फेरी वाला रचनाकार’ पुस्तक का विमोचन किया।
उन्होंने बताया कि ‘पहली बार 1992-93 में उनकी बाबूजी से मुलाकात लखनऊ स्थित आवास पर हुई थी। तब मैं प्रदेश का शिक्षामंत्री था। वे बोलना शुरू करते थे तो कभी शब्दों को गढ़ने और चयन करने में अधिक परिश्रम नहीं करना पड़ता था। उनकी अभिव्यक्ति में सहजता थी।
उनसे मिलने, सुनने, समझने के बाद आनंद की अनुभूति होती थी। वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि पंडित मनु शर्मा के साथ काफी समय गुजारा। उनकी कमी आशीर्वाद के लिए खलेगी। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को हमेशा याद किया जाएगा।
श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के मंत्री ब्रजेश पाठक, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह, भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, देवी प्रसाद द्विवेदी, विधायक सुशील सिंह, अवधेश सिंह, शंकर गिरी, मणिशंकर पांडेय सहित विभिन्न दलों के नेता और शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए।
श्रद्धांजलि सभा में मनु शर्मा के जीवन पर आधारित वृत्त चित्र ‘महायुद्ध के सारथी’ का प्रदर्शन किया गया। गृहमंत्री के आगमन से पहले वरिष्ठ पार्टी नेता कलराज मिश्र भी यहां श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
गली के चबूतरे पर बैठकर बिटिया आद्या को दिए आटोग्राफ
बेबी आद्या को आटोग्राफ देते हुये केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को बाबा कालभैरव मंदिर में मत्था टेकने के बाद मंदिर से बाहर निकलने पर वहीं गली के एक चबूतरे पर बैठ गए। वहां मंदिर की मुख्य गली में राकेश चौरसिया की फोटो स्टेट की दूकान के चबूतरे पर बैठ गए और उनकी बिटिया आद्या को ऑटोग्राफ दिए।
उन्होंने आद्या की डायरी में लिखा ‘प्रिय बेटी आद्या सुखी रहो, तुम बहुत प्यारी बेटी हो, तुम बहुत अच्छी हो, बेटा, पढ़ो, करो, आगे बढ़ो’। ऑटोग्राफ लेकर बिटिया काफी खुश है। कालभैरव मंदिर में दर्शन करने गए पीएम मोदी भी उसे ऑटोग्राफ दे चुके हैं।
वह मलदहिया स्थित यूनिक एकेडमी की कक्षा एक छात्रा है। ऑटोग्राफ लेकर वह खुद और उसकी मम्मी प्रीति चौरसिया और पिता राकेश काफी खुश हैं।
वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा व्यवस्था में शनिवार को चूक हुई। गृह मंत्री जब चौकाघाट से मकबूल आलम रोड की ओर जा रहे थे तो आगे चल रहा सपा मेयर प्रत्याशी का प्रचार वाहन वार्निंग और हूटर सुनने के बावजूद भी सड़क से किनारे नहीं हुआ।
अंतत: पुलिस ने घेरेबंदी कर प्रचार वाहन को रोका और उसे कैंट थाने ले जाकर सीज कर दिया गया। मामले को लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति रही।
वहीं, केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। वहीं, गृह मंत्री को मैदागिन और चौक सहित शहर के कुछेक अन्य इलाकों में रोजाना लगने वाले भीषण जाम की दुश्वारियों का भी सामना करना पड़ा।
उन्होंने आद्या की डायरी में लिखा ‘प्रिय बेटी आद्या सुखी रहो, तुम बहुत प्यारी बेटी हो, तुम बहुत अच्छी हो, बेटा, पढ़ो, करो, आगे बढ़ो’। ऑटोग्राफ लेकर बिटिया काफी खुश है। कालभैरव मंदिर में दर्शन करने गए पीएम मोदी भी उसे ऑटोग्राफ दे चुके हैं।
वह मलदहिया स्थित यूनिक एकेडमी की कक्षा एक छात्रा है। ऑटोग्राफ लेकर वह खुद और उसकी मम्मी प्रीति चौरसिया और पिता राकेश काफी खुश हैं।
वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा व्यवस्था में शनिवार को चूक हुई। गृह मंत्री जब चौकाघाट से मकबूल आलम रोड की ओर जा रहे थे तो आगे चल रहा सपा मेयर प्रत्याशी का प्रचार वाहन वार्निंग और हूटर सुनने के बावजूद भी सड़क से किनारे नहीं हुआ।
अंतत: पुलिस ने घेरेबंदी कर प्रचार वाहन को रोका और उसे कैंट थाने ले जाकर सीज कर दिया गया। मामले को लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति रही।
वहीं, केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। वहीं, गृह मंत्री को मैदागिन और चौक सहित शहर के कुछेक अन्य इलाकों में रोजाना लगने वाले भीषण जाम की दुश्वारियों का भी सामना करना पड़ा।