सावधान!: सड़कों पर दौड़ रहीं रोडवेज जैसी नकली बसें, बनते हैं हाथ से लिखे टिकट, इन रूटों पर हो रहा संचालन
कैंट रोडवेज के पास बंद पड़े थापा पेट्रोल पंप और यूनियन बैंक के सामने से प्राइवेट गाड़ियां वाराणसी-प्रयागराज रूट पर चल रही हैं। बिना परमिट के इन वाहनों का संचालन हो रहा है। बकायदा इन गाड़ियों का नंबर लगता है।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम वाराणसी परिक्षेत्र की बसों की तरह दिखने वाली डग्गामार बसें भी दौड़ रहीं हैं। हूबहू रोडवेज की तरह ही डग्गामार बसें रंगी गई हैं ताकि यात्री भ्रमित रहें। यही हो भी रहा है। रोडवेज समझकर यात्री बसों में बैठते हैं। जब कुछ दूर निकलते हें, तब पता चलता है कि डग्गामार बस में सवार हैं। इन बसों में हाथ से लिखे टिकट बनते हैं।
कैंट रेलवे स्टेशन के सामने और कैंट रोडवेज वर्कशाॅप के आसपास से डग्गामार बसों का संचालन वाराणसी-प्रयागराज और वाराणसी-आजमगढ़ रूट पर हो रहा है। छोटी-बड़ी 50 से अधिक बसें बिना रोकटोक के आ-जा रही हैं। रोडवेज की नई बसें नारंगी रंग की हैं। लिहाजा, डग्गामार बसें भी नारंगी रंग में दिख रही हैं। बस के शीशे पर उत्तर प्रदेश प. स. भी लिखा है। कुछ बसों पर उत्तर प्रदेश अनुबंधित लिखवाया गया है।
केस एक
सोमवार की दोपहर दो बजे रोडवेज वर्कशाॅप के पास यूपी 65 एटी 0214 संख्या की बस खड़ी मिली। इस बस का रंग नारंगी था। जैसे की रोडवेज की नई नारंगी व क्रीम कलर की बसें चल रही हैं। उस बस के शीशे पर उत्तर प्रदेश प. स. भी लिखा था।
केस दो
दोपहर सवा दो बजे कैंट रेलवे स्टेशन के सामने यूपी 65 बीटी 1470 संख्या की बस सवारी भरने के लिए खड़ी थी। यह बस नारंगी रंग में रंगी हुई थी। बस के शीशे पर बोर्ड भी था, जिस पर लिखा था आजमगढ़, गोरखपुर और दोहरीघाट।
केस तीन
कैंट रेलवे स्टेशन के सामने ही दोपहर में यूपी 65 एटी 4165 संख्या नारंगी और सफेद रंग की बस यात्रियों को बैठा रही थी। यह बस वाराणसी-आजमगढ़ रूट पर चलती है।
बिना परमिट चल रहीं टैक्सी
कैंट रोडवेज के पास बंद पड़े थापा पेट्रोल पंप और यूनियन बैंक के सामने से प्राइवेट गाड़ियां वाराणसी-प्रयागराज रूट पर चल रही हैं। बिना परमिट के इन वाहनों का संचालन हो रहा है। बकायदा इन गाड़ियों का नंबर लगता है। टैक्सी परमिट के बगैर इन गाड़ियों का संचालन आरटीओ और सिगरा पुलिस की सह पर हो रहा है। छोटी-बड़ी लगभग 50 से अधिक कारें संचालित होती हैं। वाहन चालकों के अनुसार रोडवेज पुलिस चौकी के नाम पर एक युवक यह नंबर लगवाता है।
कुछ दिन तक ही चलता है अभियान
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार जिला प्रशासन, आरटीओ व पुलिस आयुक्त समेत यातायात पुलिस को डग्गामार वाहनों का संचालन रोकने के लिए कई बार पत्र लिखा जाता है, लेकिन कुछ दिन तक अभियान चलाकर छोड़ दिया जाता है। यही कारण है कि डग्गामार वाहन धड़ल्ले से इन रूटों पर दौड़ रहे हैं।
रोडवेज के रंग में नकली बसों के संचालन का मामला संज्ञान में आया है। डग्गामार वाहनों के खिलाफ वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में आरटीओ, ट्रैफिक, नगर निगम और रोडवेज अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए प्रभावी योजना बनाई गई है। - एस. चनप्पा, अपर पुलिस आयुक्त कानून व व्यवस्था