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लंबित डिग्रियों को बांटने के लिए जिलों में लगेगा कैंप
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के नवागत कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने बुधवार को पदभार ग्रहण किया। राजेंद्र सिंह रज्जू भइया राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने उन्हें चार्ज सौंपा। प्रो. त्यागी काशी विद्यापीठ के 35वें कुलपति हैं। बुधवार को कार्यभार ग्रहण करने से उन्होंने कालभैरव, बाबा विश्वनाथ और संकटमोचन मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि लंबित डिग्रियों को बांटने के लिए पांचों जिलों में कैंप लगाया जाएगा। विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों के छात्रों की डिग्रियां सभी जिलों में कैंप लगाकर बांटी जाएंगी। वहीं, छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए पोर्टल तैयार होगा। ऐसे में उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। छात्र पोर्टल के माध्यम से अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान पा सकेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम लागू कराना और परीक्षाओं की तैयारी उनकी पहली प्राथमिकता होगी। वार्षिक परीक्षाएं 15 जुलाई से शुरू होकर सात अगस्त तक चलेंगी। 30 अगस्त तक परिणाम घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यभार ग्रहण करने के दौरान प्रो. त्यागी के साथ उनकी पत्नी देवसुता त्यागी व दामाद विकास त्यागी, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य, सहायक कुलसचिव हरिश्चंद्र मौजूद थे।
बागपत के मूल निवासी हैं प्रो. त्यागी
बागपत के मूल निवासी प्रो. त्यागी की प्रारंभिक शिक्षा मुकारी गांव में हुई। एमएम डिग्री कॉलेज से बीएससी, एमएससी व आईआईटी-कानपुर से एमटेक किया। वर्ष 1990 में गुरुनानक देव विश्वविद्यालय में बतौर लेक्चरर नियुक्त हो गए। वर्ष 1995 नानक देव विवि छोड़कर शहीद भगत सिंह राज्य विश्वविद्यालय में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर नियुक्त हुए। वह शहीद भगत सिंह राज्य विश्वविद्यालय के फाउंडर सदस्य भी हैं। इसके अलावा डीन, हेड, निदेशक सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं।
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कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि लंबित डिग्रियों को बांटने के लिए पांचों जिलों में कैंप लगाया जाएगा। विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों के छात्रों की डिग्रियां सभी जिलों में कैंप लगाकर बांटी जाएंगी। वहीं, छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए पोर्टल तैयार होगा। ऐसे में उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। छात्र पोर्टल के माध्यम से अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान पा सकेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम लागू कराना और परीक्षाओं की तैयारी उनकी पहली प्राथमिकता होगी। वार्षिक परीक्षाएं 15 जुलाई से शुरू होकर सात अगस्त तक चलेंगी। 30 अगस्त तक परिणाम घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यभार ग्रहण करने के दौरान प्रो. त्यागी के साथ उनकी पत्नी देवसुता त्यागी व दामाद विकास त्यागी, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य, सहायक कुलसचिव हरिश्चंद्र मौजूद थे।
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बागपत के मूल निवासी हैं प्रो. त्यागी
बागपत के मूल निवासी प्रो. त्यागी की प्रारंभिक शिक्षा मुकारी गांव में हुई। एमएम डिग्री कॉलेज से बीएससी, एमएससी व आईआईटी-कानपुर से एमटेक किया। वर्ष 1990 में गुरुनानक देव विश्वविद्यालय में बतौर लेक्चरर नियुक्त हो गए। वर्ष 1995 नानक देव विवि छोड़कर शहीद भगत सिंह राज्य विश्वविद्यालय में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर नियुक्त हुए। वह शहीद भगत सिंह राज्य विश्वविद्यालय के फाउंडर सदस्य भी हैं। इसके अलावा डीन, हेड, निदेशक सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं।
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