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पूर्व सांसद ने छोड़ी बसपा, पैसा लेकर टिकट देने का लगाया आरोप
Sat, 22 Dec 2018 11:29 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
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Published by: shashikant misra
Updated Sat, 22 Dec 2018 11:29 AM IST
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बब्बन राजभर
- फोटो : self
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यूपी में बलिया के सलेमपुर से पूर्व बसपा सांसद बब्बन राजभर ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है। राजभर ने शुक्रवार को कहा कि बसपा बाबा साहब के मिशन से भटक गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी में पहले अच्छा कार्य करने वालों को तरजीह दी जाती थी, लेकिन इस समय अधिक पैसा देने वालों को टिकट देने के लिए खोजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांशीराम ने पहला चुनाव 1989 में लड़ाया था, जिसमें तीन सांसद 13 विधायक बने थे। चार बार यूपी की मुख्यमंत्री बहुमत की सरकार, 21 सांसद रहने के बाद आज एक भी बसपा का सांसद नहीं है। लगातार पार्टी का आधार खिसकता जा रहा है।
इस दयनीय स्थिति के बाद भी टिकट का रेट इतना ऊंचा है कि पार्टी में कार्य करने वालों को वहां तक पहुंचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। ऐसे में बसपा को अपने समर्थकों के साथ छोड़ रहा हूं। उन्होंने कहा कि बसपा से इस्तीफे के बाद समर्थकों संग विचार-विमर्श कर अगली रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए भीम आर्मी संघर्ष कर रही है।
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बब्बन राजभर सलेमपुर लोकसभा सीट से 1999 में बसपा सांसद चुने गए थे। इसके बाद 2009 में बसपा से ही रमाशंकर राजभर भी सांसद हुए थे। वे भी बसपा छोड़ चुके हैं और वर्तमान में सपा के राष्ट्रीय महासचिव के रुप में अखिलेश खेमे का खास चेहरा बने हुए हैं।
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उन्होंने कहा कि कांशीराम ने पहला चुनाव 1989 में लड़ाया था, जिसमें तीन सांसद 13 विधायक बने थे। चार बार यूपी की मुख्यमंत्री बहुमत की सरकार, 21 सांसद रहने के बाद आज एक भी बसपा का सांसद नहीं है। लगातार पार्टी का आधार खिसकता जा रहा है।
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इस दयनीय स्थिति के बाद भी टिकट का रेट इतना ऊंचा है कि पार्टी में कार्य करने वालों को वहां तक पहुंचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। ऐसे में बसपा को अपने समर्थकों के साथ छोड़ रहा हूं। उन्होंने कहा कि बसपा से इस्तीफे के बाद समर्थकों संग विचार-विमर्श कर अगली रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए भीम आर्मी संघर्ष कर रही है।
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बब्बन राजभर सलेमपुर लोकसभा सीट से 1999 में बसपा सांसद चुने गए थे। इसके बाद 2009 में बसपा से ही रमाशंकर राजभर भी सांसद हुए थे। वे भी बसपा छोड़ चुके हैं और वर्तमान में सपा के राष्ट्रीय महासचिव के रुप में अखिलेश खेमे का खास चेहरा बने हुए हैं।