भाई-बहन की माैत का मामला: हैदराबाद से परिजन पहुंचे काशी, आज शव का होगा पोस्टमार्टम; कमरे में मिली थी लाश
Varanasi News: वाराणसी स्थित एक होटल में भाई-बहन ने चेकआउट से पहले खुदकुशी कर ली थी। दोनों अपनी बड़ी बहन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए काशी आए थे। होटल के कमरे से बड़ी बहन का मृत्यु प्रमाणपत्र और 6. 61 लाख रुपये मिले थे।
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Varanasi News: सिगरा थाना के परेडकोठी के होटल सिटी इन में मंगलवार दोपहर आत्महत्या करने वाले हैदराबाद निवासी भाई बहन के दो परिजन बृहस्पतिवार को काशी पहुंचे। शनिवार को पुलिस उनकी शिनाख्त कराएगी। जिसके बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
सिगरा थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मृतकों के परिवार से दो लोग आए हैं। बाकी की प्रक्रिया शनिवार को होगी। होटल के कमरा नंबर 2005 में ठहरे हैदराबाद निवासी भाई-बहन गणेश गौड गुनालापल्ली (46) और उनकी बहन लक्ष्मी गुनालापल्ली (38) ने मंगलवार दोपहर को आत्महत्या कर ली थी।
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दोनों आठ फरवरी से होटल में ठहरे थे। मंगलवार दोपहर चेकआउट के समय कॉल रिसीव न होने पर होटल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में दरवाजा खोलने पर दोनों होटल के कमरे में फर्श पर मृत मिले थे। कमरे में आधार कार्ड, पैन कार्ड, 6.61 लाख नकद और दवाइयां मिली थीं। एक बहन का मृत्यु प्रमाण पत्र मिला था। एक कागज पर सॉरी, फॉरगिव अस लिखा मिला था।
यह है पूरा मामला
बड़ी बहन का अस्थि कलश लेकर काशी आए भाई और बहन ने सिगरा थाना के परेड कोठी के होटल सिटी इन के कमरा नंबर 2005 में विषाक्त का सेवन कर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खोला तो देखा कि दोनों की डेडबॉडी कमरे के फर्श पर पड़ी थी। कमरे में एक कागज पर सॉरी फॉरगिव अस लिखा मिला। पुलिस ने एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य संकलन कराया।
आधार कार्ड, पैन कार्ड से दोनों की पहचान हैदराबाद निवासी गणेश गौड़ गुनालापल्ली (46) और लक्ष्मी गुनालापल्ली (38) के रूप में हुई। पुलिस परिजनों से संपर्क में जुटी है। होटल मैनेजर आसिफ ने बताया कि दोनों ने आठ फरवरी को काशी दर्शन पूजन की बात कहकर होटल का कमरा बुक किया था। 10 फरवरी को चेक आउट था।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों के मां-पिता का निधन दो साल पहले हो चुका है। 28 जनवरी को बड़ी बहन अमला देवी का निधन हुआ था। दोनों बहन का अस्थि कलश लेकर आठ फरवरी को काशी पहुंचे। होटल लिया और दो दिनों तक भ्रमण किया। देखा जाए तो 10 फरवरी को बड़ी बहन की तेरहवीं भी थी।
मंगलवार दोपहर दोनों को होटल छोड़ना था। जब होटल स्टाफ ने फोन किया और जवाब नहीं मिला तो उनके निजी नंबर पर कॉल किया। जवाब नहीं मिलने पर दरवाजा खटखटाया गया। शक होने पर पुलिस को बुलाया।