ब्रिक्स सम्मेलन: लोकसभा अध्यक्ष ने खरीदा गुलाबी मीनाकारी मैजिक बर्ड, हैंडीक्राफ्ट स्टॉल को देखा; हुनर को सराहा
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने काशी की प्रसिद्ध गुलाबी मीनाकारी कला से तैयार मैजिक बर्ड खरीदा। इस पारंपरिक हस्तशिल्प की बारीक नक्काशी और आकर्षक रंगों ने उनका ध्यान खींचा। गुलाबी मीनाकारी बनारस की विशिष्ट पहचान है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ावा मिलने से स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन मिलता है।
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नई दिल्ली संसद भवन में दो दिवसीय 12वें पार्लियामेंट्री ब्रिक्स फोरम के समापन पर भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प का जलवा देखने को मिला। 26 और 27 अक्तूबर को सम्मेलन में शामिल होने आए ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों के लिए संसद परिसर में विशेष हैंडीक्राफ्ट स्टॉल लगाए गए थे।
विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), कपड़ा मंत्रालय की ओर से प्रदर्शनी में देश भर के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त और प्रमुख शिल्पकारों को आमंत्रित किया गया था। नारस की प्रसिद्ध जीआई-टैग प्राप्त गुलाबी मीनाकारी, लखनऊ की चिकनकारी, सहारनपुर का काष्ठ शिल्प (वुड क्राफ्ट), हाथरस का मेटल क्राफ्ट और राजस्थान, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के उत्कृष्ट शिल्प उत्पाद मुख्य आकर्षण रहे।
हुनर को मिली सराहना
सम्मेलन के दूसरे दिन मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तशिल्प प्रदर्शनी का मुआयना किया और शिल्पकारों के हुनर की सराहना की। लोकसभा अध्यक्ष ने काशी की प्रसिद्ध गुलाबी मीनाकारी के स्टॉल से विशेष रूप से 'मैजिक बर्ड' और 'कमल ब्रोच' की खरीदारी की।
नेशनल अवॉर्डी आर्टिजन कुंज बिहारी सिंह ने बताया कि दो दिनों में गुलाबी मीनाकारी के उत्पादों की 2.30 लाख की बिक्री हुई। विदेशी मेहमानों ने पारंपरिक मीनाकारी ज्वेलरी और सजावटी 'मैजिक बर्ड' की जमकर खरीदारी की।
संसद भवन सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से दीपावली से पूर्व डिलीवरी के लिए विशिष्ट आभूषणों के विशेष ऑर्डर भी कारीगरों को सौंपे गए हैं। कपड़ा मंत्रालय के हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय ने भी सोशल मीडिया हैंडल पर काशी के इस नायाब हुनर और प्रदर्शनी की झलकियों को साझा किया।