ब्रिक्स सम्मेलन: सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर बनी सहमति; गूंजा हर-हर महादेव
BRICS Summit in Varanasi: ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। बैठक में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए साझा प्रयासों पर सहमति बनी। इससे सदस्य देशों के बीच सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।
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Varanasi News: ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की दूसरी बैठक हुई। इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत बनाने, रचनात्मक अर्थव्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने की। समापन सत्र में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी शामिल हुए।
बैठक में तीन प्रमुख विषयों रचनात्मक अर्थव्यवस्था एवं एआई, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी, और संस्कृति, जलवायु और सतत विकास को प्राथमिकता दी गई। इन विषयों के माध्यम से सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण और 2030 के बाद के वैश्विक सतत विकास एजेंडे में संस्कृति की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान रचनात्मक अर्थव्यवस्था और जन-जन सहयोग नवाचार, साझेदारी और आगे की राह विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें समावेशी विकास, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, बाजार तक पहुंच और डिजिटल नवाचार में रचनात्मक अर्थव्यवस्था की भूमिका पर चर्चा हुई।
दूसरा सत्र रचनात्मक अर्थव्यवस्था में कॉपीराइट और नैतिक एआई विषय पर केंद्रित रहा। इसमें कॉपीराइट संरक्षण, सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग को लेकर विचार-विमर्श किया गया। सदस्य देशों ने इस क्षेत्र में भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
बैठक में ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए, जबकि इथियोपिया, मिस्र और रूस के प्रतिनिधियों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। सदस्य देशों ने सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार और प्राथमिकताएं साझा कीं। कार्यक्रम के अंत में भारतीय संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित करने वाला सांस्कृतिक आयोजन भी हुआ। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों की संगीत एवं लोक-शास्त्रीय नृत्य परंपराओं की प्रस्तुति दी गई, जिसे विदेशी प्रतिनिधियों ने सराहा।
भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने और भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके बाद सभी सदस्यों ने नमो घाट पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखा।