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यूपी: काढ़ा करेगा कोरोना से लड़ने में मदद, बनारस में चाय फेल, काढ़े का बढ़ा क्रेज

Thu, 23 Jul 2020 05:36 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 23 Jul 2020 05:36 PM IST
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Brew will help fight corona tea fails in varanasi increased craze of brew
काढ़ा - फोटो : amar ujala

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का प्रकोप हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। इससे बचने के लिए लोग हर संभव मदद कर रहे हैं। अपने शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम (प्रतिरोधक क्षमता) को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग कई उपायों के बारे में बता रहे हैं। तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में काढ़ा पीने का भी जिक्र किया था।

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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) भी इस पर काम कर रहा है। गिलोय घनवटी, अश्वगंधा चूर्ण, शिरषादि क्वाथ और आयुष काढ़ा को कोरोना संक्रमण से निपटने में सहायक माना जा रहा है। आयुष मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद बीएचयू आयुर्वेदिक फार्मेसी में भी इसका निर्माण हो रहा है। हर सप्ताह घनवटी की करीब एक लाख टेबलेट तैयार की जा रही हैं। 
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बीएचयू में फार्मेसी के अधीक्षक प्रोनंद चौधरी के अनुसार, गिलोय घनवटी का उपयोग इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। अश्वगंधा संक्रमण रोकने में सहायक है। वहीं, शिरषादि क्वाथ सर्दी, खांसी और बुखार को कम करता है। इसीलिए इन औषधियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से भी निपटने में सहायक माना गया है।

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उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है, इसीलिए आयुष, अमृतादि काढ़ा भी लोगों को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीएचयू अस्पताल में आयुर्वेद संकाय की ओपीडी में बने काउंटर पर यह औषधियां उपलब्ध हैं।

कई बीमारियों में सहायक है औषधियां
प्रो. नंद चौधरी ने बताया कि अश्वगंधा कई तरह के संक्रमण को खत्म करने में लाभकारी होता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए इलाज में भी यह लाभदायक होता है। हृदय रोग और पेट संबंधी बीमारी से जूझ रहे मरीज डॉक्टर की सलाह पर गिलोय घनवटी का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले कई दिनों से लगातार इन औषधियों को तैयार कराया जा रहा है।

50 व्यक्तियों के लिए आयुष काढ़ा बनाने में 250 ग्राम तुलसी, 125 ग्राम अदरक, 125 ग्राम दालचीनी, 65-65 ग्राम काली मिर्च और लौंग, 125 ग्राम हल्दी और ढाई सौ ग्राम गिलोय लगेगा। दस लीटर पानी में इस सामग्री को उबाल कर पांच लीटर शेष रहने पर छानकर पिलाना है। 

बनारसी काढ़ा करेगा कोरोना पर वार
वाराणसी के जंगमबाड़ी क्षेत्र में विजय नाम के शख्स ने लॉकडाउन के तीन महीने के बाद अनलॉक में आयुर्वेदिक काढ़े की दुकान खोली है। यह काढ़ा इस महामारी में मरहम का काम कर रहा है। विजय ने अपनी दुकान पर 10 रुपये का रेट बोर्ड लगा रखा है। काढ़ा लेने और पीने आए ग्राहकों के पास पैसा नहीं होने पर वह यह काढ़ा लोगों को निशुल्क भी पिलाते हैं। ज्यादातर लोग अपनी खुशी से पैसे दे देते हैं। विजय समाज सेवा के साथ अपने परिवार का आजीविका भी चला रहे हैं।

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