फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Brahmin has done for freedom from sins upakarm

बाह्मणों ने पापों से मुक्ति के लिए किया उपाकर्म

Sun, 30 Aug 2015 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 30 Aug 2015 01:56 AM IST
विज्ञापन
Brahmin has done for freedom from sins upakarm
काशी में शनिवार बाह्मणों के लिए जाने-अनजाने में हुए पापों से छुटकारे का दिन रहा। सुबह पारंपरिक वेश में बाह्मणों के समूह गंगा तटों पर पहुंचे और कमर तक जल में खड़े होकर पापों से मुक्ति के लिए मंत्रोच्चार के साथ क्षमा याचना की। श्रावणी उपाकर्म करने के लिए अस्सी, तुलसी घाट, अहिल्याबाई घाट और सिंधिया घाट पर वेदाचार्यों और बटुकों की भीड़ लगी रही।
विज्ञापन


जन्म जन्मांतर के पापों के शमन के लिए बाह्मणों ने सुबह गंगा तटों पर मां गायत्री से क्षमा याचना की। सूर्य को नमन कर आंतरिक ऊर्जा के संचार के लिए प्रार्थना भी की। मुंडन कराने के बाद हाथ में कुश लेकर बाह्मणों ने वैदिक मंत्रों का सस्वर पाठ किया। बाह्मणों के लिए श्रावणी ऐसा पर्व है, जिसमें एक बार ही अंत:करण की शुद्धि करने और जनेऊ बदलने से वर्ष भर शुद्धता बनी रहती है। अहिल्याबाई घाट पर केंद्रीय ब्राह्मण महासभा, और शास्त्रार्थ महाविद्यालय की ओर से हिमाद्रि के संकल्प के साथ उपाकर्म हुआ। इसके बाद
विज्ञापन


दशाश्वमेध स्थित शास्थार्थ वेद विद्यालय में ऋषि पूजन किया गया। इस मौके पर गणेश दत्त शास्त्री, पं. चूणामणि शास्त्री, आमोद दत्त शास्त्री, पं. गिरीश पांडेय, पं. रमेश तिवारी, आलोक मालवीय, एसएन द्विवेदी, शीतला मंदिर के महंत पं. शिव प्रसाद पांडेय व अजित पाठक आदि मौजूद थे। सिंधिया घाट पर पं. बटुक प्रसाद शास्त्री की मौजूदगी में सतुआ बाबा आश्रम के बटुकों, संन्यासियों ने उपाकर्म में हिस्सा लिया। तुलसी घाट पर भी श्रावणी उपाकर्म कर पापों से मुक्ति के लिए क्षमा याचना की गई।  
विज्ञापन
विज्ञापन

 

बीएचयू में भी हुआ ऋषि पूजन
वाराणसी। बीएचयू की ओर से श्रावणी उपाकर्म शनिवार को तुलसी घाट पर किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय के मालवीय भवन में ऋषि पूजन समारोह संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय के डॉ. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी के आचार्यत्व में हुआ। अध्यक्षता करते हुए संकाय प्रमुख प्रो. जी आंजनेय शास्त्री ने कहा कि यह वैदिक ज्ञान यज्ञ है, जिसे महामना स्वयं किया करते थे। इस मौके पर पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. कृष्णकांत शर्मा, प्रो. चंद्रमौलि द्विवेदी, प्रो. रामजीवन मिश्र, डॉ. शत्रुघभन त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed