वाराणसी : बीपी, शुगर के मरीजों को मिलेगी एक महीने की दवा, जांच के लिए नहीं करनी पड़ेगी भागदौड़
- कोरोना काल में शुगर, बीपी के मरीजों पर बढ़ी निगरानी
- अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसे मरीजों को मिलेगी एक महीने की दवा
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वाराणसी में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए बीपी और शुगर के मरीजों की सेहत को लेकर अब अधिक सतर्कता बरती जा रही है। अस्पतालों के साथ ही शहरी और ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसे लोगों की जांच के लिए अलग काउंटर के बाद अब ऐसे मरीजों को एक महीने की दवा दी जाएगी, जिससे कि उन्हें बार-बार भागदौड़ न करना पड़े।
कोरोना काल में बच्चों बुजुर्गों, पहले से बीमार लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि पहले से होने वाली बीमारियों के साथ ही इनमें कोरोना संक्रमण का खतरा होने की संभावना रहती है। अब इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे लोगों पर ज्यादा ध्यान देने का निर्णय लिया है।
इसी वजह से शासन स्तर से अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों में पहले से बीपी-शुगर के मरीजों को इलाज के दौरान उन्हें एक महीने की दवा देने का निर्देश जारी किया है, जिससे कि ऐसे लोगों को अस्पतालों का चक्कर न लगाना पड़े। अब तक अस्पतालों-स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच से दस दिन की दवाइयां मिलती थीं और फिर इन मरीजों को दवा लेने अस्पताल आना पड़ता है।
पहले से बीपी, शुगर आदि बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए अलग से ओपीडी भी चलाई जा रही है। सेहत की जांच के लिए डॉक्टरों की टीम भी गठित कर दी गई है। एक महीने की दवा दिए जाने के शासन के निर्देश का पालन कराया जा रहा है। - डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ