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काशी में मूर्त और अमूर्त दोनों प्रकार के धरोहरें : जितिन प्रसाद
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की ओर से आयोजित दो दिवसीय आर्किटेक्चरल मीट काशी-सार का सोमवार को उद्घाटन हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने काशी विश्वनाथ धाम के प्रोजेक्ट और इससे जुड़े कार्यों पर चर्चा की। मुख्य अतिथि प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद ने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि काशी में मूर्त और अमूर्त दोनों प्रकार की धरोहरें हैं। इसके बारे में जानकारी के साथ ही इसका संरक्षण करना सभी की जिम्मेदारी है।
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि पीएम के दिशा निर्देश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने काशी के नव निर्माण के लिए जो योगदान किया किया है वह युगों-युगों तक याद किया जाएगा। एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनीत कंसल ने कहा कि एकेटीयू से संबद्ध 750 विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र एवं उनके गुरु सोच को व्यवहारिक धरातल से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। काउंसिल आफ आर्किटेक्चर की उपाध्यक्ष सपना और प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा यूपी अमृत अभिजात ने ऐतिहासिक शहरों के विकास के लिए उत्तर प्रदेश शासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रदर्शनी में दिखाई शहरों की ऐतिहासिकता
एकेटीयू वास्तु कला संकाय की अधिष्ठाता डॉ. वंदना सहगल ने विभिन्न ऐतिहासिक शहरों के ऊपर बनाए अपने कई रंगचित्र प्रदर्शित किए। इस दौरान डॉ. अमोघ गुप्ता, केटी रविंद्रन, विशेष सचिव प्राविधिक शिक्षा यूपी सुनील चौधरी आदि ने भी अपनी बात रखी। चार जनवरी को विशेषज्ञ व विद्यार्थी काशी विश्वनाथ धाम, सारनाथ व कुछ अन्य परियोजनाओं का भ्रमण कर उसकी बारीकी भी जानेंगे।
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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि पीएम के दिशा निर्देश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने काशी के नव निर्माण के लिए जो योगदान किया किया है वह युगों-युगों तक याद किया जाएगा। एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनीत कंसल ने कहा कि एकेटीयू से संबद्ध 750 विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र एवं उनके गुरु सोच को व्यवहारिक धरातल से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। काउंसिल आफ आर्किटेक्चर की उपाध्यक्ष सपना और प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा यूपी अमृत अभिजात ने ऐतिहासिक शहरों के विकास के लिए उत्तर प्रदेश शासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
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प्रदर्शनी में दिखाई शहरों की ऐतिहासिकता
एकेटीयू वास्तु कला संकाय की अधिष्ठाता डॉ. वंदना सहगल ने विभिन्न ऐतिहासिक शहरों के ऊपर बनाए अपने कई रंगचित्र प्रदर्शित किए। इस दौरान डॉ. अमोघ गुप्ता, केटी रविंद्रन, विशेष सचिव प्राविधिक शिक्षा यूपी सुनील चौधरी आदि ने भी अपनी बात रखी। चार जनवरी को विशेषज्ञ व विद्यार्थी काशी विश्वनाथ धाम, सारनाथ व कुछ अन्य परियोजनाओं का भ्रमण कर उसकी बारीकी भी जानेंगे।
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