सरहद बदली, पता नहीं: मिर्जापुर की डाक पहुंचती है सोनभद्र, उप डाकघर से जुड़े 17 ब्रांच; साढ़े तीन दशक की कहानी
जिले की सरहद बदले साढ़े तीन दशक बीत गए, लेकिन डाक का पता आज भी नहीं बदला। मिर्जापुर की कई डाक शाखाएं सोनभद्र के घोरावल उप डाकघर से जुड़ी हैं। यहां की 17 ब्रांच शाखाएं मिर्जापुर में संचालित हो रही हैं। पत्राचार के लिए स्थानीय लोग घोरावल का पिनकोड इस्तेमाल करते हैं। मिर्जापुर जिले का पिनकोड डालने पर डाक भेजने में परेशानी होती है।
विस्तार
सोनभद्र जिले की सरहदें बदले साढ़े तीन दशक हो गए हैं, मगर कुछ नहीं बदला है तो वह है चिट्ठी का पता। आज भी मिर्जापुर जिले के गांवों की चिट्ठी सोनभद्र में संचालित डाक घरों में आती है। प्रधान डाकघर से जुड़े करमा और घोरावल उप डाकघर क्षेत्र के कई गांवों में पत्राचार की व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चल रही है।
पड़ोसी जिले चंदौली और बिहार के लोगों का भी पत्राचार पहले सोनभद्र जिले के पते पर हुआ करता था। हालांकि कुछ समय पहले दोनों इलाकों में नई पोस्ट ऑफिस खुलने से यह व्यवस्था बदल गई। मगर मिर्जापुर के गांवों की चिट्ठी आज भी सोनभद्र से होकर जाती है।
4 मार्च 1989 को मिर्जापुर से पृथक होकर सोनभद्र जिला बना। सोनभद्र जिले का प्रधान डाकघर पहले मिर्जापुर था। वर्ष 2021 में सोनभद्र जिला मुख्यालय के रॉबर्ट्सगंज स्थित मुख्य डाकघर को प्रधान डाकघर के रूप में परिवर्तित किया जा चुका है। इस तरह से जिले में अब एक प्रधान डाकघर के साथ घोरावल, राजपुर, रेणुकूट, चोपन, दुद्धी समेत कुल 24 उप डाकघर संचालित हो रहे हैं।
इसके साथ ही 132 शाखा डाक घर का संचालन किया जा रहा है। पिछले साल जिले में 100 नई ब्रांच शाखाएं भी खोली गई हैं। जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित मुख्य डाकघर को प्रधान डाकघर बनने के बाद कई समस्याएं तो दूर हुई हैं। मगर पत्राचार से संबंधित समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका है। जिले में संचालित डाक घरों से अब भी दूसरे जिलों में पत्राचार की व्यवस्था चल रही है।
डाक विभाग के अधिकारियों की मानें तो घोरावल में संचालित उप डाकघर से मिर्जापुर जिले के मड़िहान तहसील क्षेत्र में 17 ब्रांच शाखाएं संचालित की जा रही हैं। मड़िहान, जमुई, राजगढ़, भावां, देवपुरा आदि मिर्जापुर जिले में आते हैं। मगर यहां मिर्जापुर से पत्राचार न करके घोरावल से (पिनकोड 231210) पर पत्राचार करना पड़ता है। यदि इस इलाके के लोग मिर्जापुर के पिनकोड (231001) के जरिये पत्राचार करते हैं तो उनका पत्र समय से उनके पते पर पहुंचने में कठिनाई होती है।
अधिकारियों के मुताबिक पिन कोड एरिया के माध्यम से पत्राचार होता है। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति मिर्जापुर से मड़िहान के पते पर पत्राचार करता है तो उसे घोरावल के पिनकोड 231210 पर पत्राचार करना होगा। तभी मिर्जापुर से वह पत्र घोरावल उप डाकघर होते हुए मड़िहान पहुंचेगा। मिर्जापुर से मड़िहान के लिए सीधे पत्राचार नहीं किया जा सकता है। यहीं स्थिति मिर्जापुर से सटे करमा, सुकृत और मधुपुर क्षेत्र की है। यहां आने वाले पत्रों का पत्राचार रॉबर्ट्सगंज प्रधान डाकघर के पिनकोड 231216 के जरिये किया जाता है।
घोरावल उप डाकघर के अंतर्गत 41 शाखाएं
घोरावल उप डाकघर के अंतर्गत कुल 41 शाखा डाकघर संचालित हैं। इनमें अमिलौधा, कलवारी माफी, कनेठी, पड़वनिया, परसौना, शिवद्वार, लोहांडी, सभा लिलवाही, बघौरा, बैड़ाड, बिभौरी, देवगढ़, देवपुरा, धनसिरिया, धौरहा, धुरकर, गोपालपुर, गुरुवल, हरन खुड़ी, हिनौता, जमुई, तिलौली कला, अमधी, अमली पोखरा, बभनी थपनवा, बभरी, बघैला, बैदावर, बैजनाथ, बरौधी, भंसवार, भरौली, भड़काना, भावना, बिसरेखी, देवरीकथा, गोरथरा, करौंदा, खुटहरी, कोन और नदिहार शामिल हैं। इनमें से 24 शाखा डाकघर सोनभद्र जिले की घोरावल तहसील में संचालित हैं, जबकि शेष 17 शाखाएं मिर्जापुर जिले की मड़िहान तहसील में हैं। इसके बावजूद इन शाखाओं से जुड़े गांवों में पत्राचार के लिए मिर्जापुर के बजाय सोनभद्र के घोरावल उप डाकघर का पिनकोड इस्तेमाल किया जाता है।
चंदौली और बिहार के सीमावर्ती गांवों में भी सोनभद्र से होता था डाक का काम
वैनी जिले के दो डाकघरों से पड़ोसी जिले चंदौली और पड़ोसी राज्य बिहार के सीमावर्ती गांवों में भी डाक से जुड़े कार्य किए जाते थे। इन क्षेत्रों के लोगों की चिट्ठियां सोनभद्र के डाकघरों के माध्यम से पहुंचाई जाती थीं। हालांकि, करीब तीन साल पहले चंदौली और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में नए डाकघर खुलने के बाद यह व्यवस्था बदल गई।
चंदौली जिले के करीब 8 से 10 गांवों में डाक से संबंधित काम नगवां ब्लॉक के पवनी डाकघर से होता था। इनमें कसार, बैगाड़, धकुंवारी, पड़रिया, महदेवा, सारस्वत और गहिला समेत अन्य गांव शामिल थे। करीब तीन साल पहले चंदौली जिले के कसार गांव में डाकघर खुलने के बाद इन गांवों का डाक संबंधी काम वहां से होने लगा।
इसी तरह सोनभद्र के बाकी डाकघर से बिहार राज्य के सीमावर्ती पांच से सात गांवों में डाक संबंधी कार्य किए जाते थे। इन गांवों की चिट्ठियां भी बाकी डाकघर के माध्यम से पहुंचाई जाती थीं। करीब तीन साल पहले बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र में डाकघर खुलने के बाद इन गांवों का डाक संबंधी काम वहां के डाकघर से होने लगा। इस तरह नए डाकघरों के खुलने से पड़ोसी जिले और राज्य के गांवों को अपने क्षेत्र में ही डाक सेवाएं मिलने लगीं।
घोरावल उप डाकघर की कुल 41 ब्रांच शाखाएं हैं। इसमें 24 ब्रांच शाखाएं घोरावल में संचालित हैं। शेष 17 ब्रांच शाखाएं मिर्जापुर जिले के मड़िहान तहसील में संचालित होती है। यहीं के पिनकोड पर इन 17 ब्रांच शाखाओं से जुड़े गांवों में पत्राचार होता हैं। - वीरेंद्र कुमार, पोस्टमास्टर- उप डाकघर घोरावल।
मिर्जापुर के मड़िहान और राजगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में सोनभद्र जिले से पत्राचार आज भी हो रहा है। करमा से सटे मिर्जापुर जिले के गांवों में रॉबर्ट्सगंज प्रधान डाकघर से पत्राचार होता है। लंबा क्षेत्र होने से समय से पत्र पहुंचने में दिक्कत होती है। - एसके दयाल, पोस्टमास्टर-प्रधान डाकघर रॉबर्ट्सगंज।