UP: जलयान को मारी टक्कर...नाविक पर FIR, दो लाख रुपये का हुआ नुकसान; नाव छोड़कर भाग गया था आरोपी
Varanasi News: नाव की टक्कर से जलयान का हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग सेंसर में दिक्कत आ गई थी। तकनीकी कर्मचारियों ने जब पड़ताल की तो पता चला की दो लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
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हाइड्रोजन ईंधन से संचालित जलयान को टक्कर मारने के आरोपी नाविक शरद साहनी के खिलाफ बुधवार को आदमपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। कंपनी के प्रबंधक विभूति पति तिवारी की तहरीर पर दशाश्वमेध घाट निवासी शरद की तलाश में आदमपुर पुलिस जुटी है। दोपहर बाद से जलयान का संचालन भी शुरू हो गया।
इंस्पेक्टर विमल मिश्रा ने बताया कि दुर्घटना के बाद चप्पू नाव चालक शरद उसे वहीं छोड़ कर भाग निकला था। नाव को जब्त किया गया, नाव पर दर्ज नाम और मोबाइल नंबर से मालिक की पहचान हुई है। लाइसेंस की भी जांच की जा रही है।
मंगलवार शाम राजघाट व प्रह्लाद घाट के बीच जलयान से चप्पू नाव टकरा गई थी, जिससे जलयान के हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग सेंसर में दिक्कत आई थी और उसका कवर भी क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना के वक्त जलयान के चालक ने राजघाट के पास रोक दिया।
आईडब्ल्यूएआई वाराणसी के निदेशक संजीव शर्मा ने बताया कि जलयान को मंगलवार को अपराह्न 3 बजे के आसपास नाव ने दशाश्वमेध घाट के पास टक्कर मारी थी। इसमें जलयान की बॉडी और सेंसर टूटा था। बुधवार को 3.45 बजे तकनीकी टीम ने मरम्मत के बाद जलयान काे पुन: नमो घाट से रवाना किया। निदेशक ने बताया कि इस हादसे में करीब 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
नमो घाट पर प्रतिबंध के बाद भी खड़ी रहती हैं 100 नाव
नमो घाट पर वीआईपी मूवमेंट को देख शासन किसी भी प्रकार के बजड़े और नाव पर खड़ी करने पर रोक लगाई है। बावजूद नमस्ते हैंड से लेकर राजघाट पुल के नीचे तक 100 से अधिक नाव और बजड़े खड़े होते हैं। बिना जेटी के ही यात्रियों की जान को जोखिम में डालकर नाव और बजड़ों पर चढ़ाया-उतारा जाता है।
शाम को नाविकों में नौका विहार करने आए यात्रियों को बैठाने को लेकर मारामारी की स्थिति रहती है। इसी का परिणाम था कि हाइड्रोजन परिचालित जलयान भी दुर्घटना का शिकार हो गया। नमो घाट पर यात्रियों को बैठाने के लिए कुछ दिन पहले नाविकों के बीच मारपीट भी हुई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।