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BLW Varanasi: दूसरी बार दो रेल इंजन जल मार्ग से भेजे जाएंगे मोजांबिक, अब तक 11 देशों को 174 इंजन निर्यात

Sun, 31 Aug 2025 12:54 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 31 Aug 2025 12:54 PM IST
सार

वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के दौरान बरेका की ओर से निर्मित 6 डीजल इंजन मोजांबिक की रेल कंपनी सीएफएम को आपूर्ति किए गए थे। यह वर्तमान में वहां परिचालन में हैं।

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BLW Varanasi For second time two railway engines will be sent to Mozambique via waterway
बरेका वाराणसी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: इस वर्ष दूसरी बार बरेका (बनारस रेल इंजन कारखाना) में निर्मित दो रेल इंजन मुंबई से जल मार्ग से विदेश भेजे जाएंगे। सितंबर में 3300 एचपी क्षमता के दोनों इंजनों को मोजांबिक भेजने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। 

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गत जून में दो इंजनों का निर्यात किया जा चुका है। यहां से पहले इंजनों को सड़क परिवहन के माध्यम से मुंबई सी-पोर्ट भेजा जाएगा। वहां से दोनों कार्गो जहाज से मोजांबिक रवाना किए जाएंगे। बरेका अब तक 11 देशों को 174 रेल इंजन निर्यात कर चुका है।
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वर्ष के आरंभ में वहां से 10 इंजन बनाने का अनुबंध हुआ था। जबकि जून तक केवल दो इंजन ही निर्यात हो सके हैं। हालांकि बरेका का दावा है कि दिसंबर तक सभी इंजन निर्यात हो जाएंगे। बरेका के मुताबिक ये इंजन बिजली और डीजल से भी चलाए जा सकते हैं। 

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चालक की सुविधाओं से युक्त है इंजन : इंजन में चालक के लिए भी कई विशेष सुविधाएं प्रदान की गई हैं। रेफ्रिजरेटर, हॉट प्लेट, मोबाइल होल्डर, शौचालय आदि की सुविधा है। मोजांबिक को इन इंजनों की आपूर्ति से भारत की इंजीनियरिंग क्षमता, आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी को एक नई ऊंचाई मिली है। 

अब तक बरेका भारतीय रेलवे, इस्पात संयंत्रों, खानों, बंदरगाहों और निर्यात के लिए 10,000 से अधिक रेल इंजन बना चुका है। जनवरी 1976 में पहला रेल इंजन तंजानिया को निर्यात किया गया।

बरेका में निर्मित रेल इंजन विदेश भेजे जाएं। यही प्रयास है। जिस देश से भी अनुबंध होता है। निर्धारित समय सीमा में यहां निर्मित इंजन वहां भेज दिए जाए। - नरेश पाल सिंह, महाप्रबंधक, बरेका, वाराणसी

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