घूस लेते BLW का इंजीनियर गिरफ्तार: सिविल विभाग के एक अन्य अफसर पर भी गिरेगी गाज, CBI को मिले पुख्ता सबूत
बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) के वरिष्ठ सिविल इंजीनियर ओम प्रकाश सोनकर को सीबीआई ने तीन लाख घूस लेने मामले में शुक्रवार रात रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। सीबीआई की इस कार्रवाई से अधिकारियों और कर्मचारियों की भी नींद उड़ी हुई है।
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बिल पास कराने के एवज में तीन लाख घूस मामले में गिरफ्तार बरेका (BLW) के सीनियर सिविल इंजीनियर ओमप्रकाश सोनकर के बाद अब विभाग के एक और अफसर पर गाज गिर सकती है। सीबीआई को जांच में उसके खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। उधर, रेलवे बोर्ड की बैठक के बाद रविवार को बरेका पहुंचीं महाप्रबंधक अंजली गोयल ने भी इस मामले में अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी जानकारी ली। इससे माना जा रहा है कि उक्त अफसर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है।
उधर, इलेक्ट्रिकल, फाइनेंस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भी नींद उड़ी हुई है। फाइलों और दस्तावेजों को दुरुस्त किया जा रहा है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार शुक्रवार की शाम फुलवरिया स्थित राणानगर कॉलोनी में सीनियर सिविल इंजीनियर ओमप्रकाश सोनकर के घर पर छापा मारा गया था तो विभाग के कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
डेढ़ करोड़ के बिल पास करने के एवज में मांगी गई थी घूस
विभाग के बाबू से पूछताछ के बाद कार्यालय के कंप्यूटर आदि को भी खंगाला था। ठेकेदार का आरोप था कि एक्सईएन सोनकर के अलावा वह अफसर भी बिल पास करने में आनाकानी कर रहा था। डेढ़ करोड़ के बिल पास करने के एवज में पैसे की मांग की जा रही थी। विभाग के बाबू ने सीबीआई को पूछताछ में बताया कि साहब के कहने पर ही बिल रोका गया था और बाबू ने बिल का प्रिंट भी सीबीआई को दिया था।
चहेते को नहीं मिला ठेका तो निरस्त किया दो टेंडर
चितईपुर के टिकरी निवासी ठेकेदार ने आरोप लगाया कि डेढ़ माह पूर्व जोन वर्क का टेंडर रद्द कराने में भी उक्त अफसर का हाथ है। पहले 5.80 करोड़ और दूसरा 4.65 करोड़ का जोन वर्क के तहत रेलवे क्वार्टरों में दरवाजा और खिड़की लगने का टेंडर जारी हुआ।
हालांकि उक्त अफसर ने अपने चहेते कंचनपुर निवासी ठेकेदार को टेंडर दिलाने का जाल बुना। हालांकि रेलवे के नया नियम 27 अप्रैल को आने के बाद वह ठेकेदार अयोग्य हो गया और टेंडर नहीं डाल सका। इसके बाद उक्त अफसर ने टेंडर को रद्द कर दिया। इसके बाद दोनों टेंडर को टुकड़ों में एक-एक करोड़ का टेंडर जारी किया।
बरेका में टेंडर के खेल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यालयों में वर्षों से जमे बाबूओं को बदला जाएगा। ऐसी चर्चाएं प्रशासनिक कार्यालय के अंदर खाने से आ रही हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए महाप्रबंधक सख्त हैं। सभी को उन्होंने चेतावनी दी है कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभागों में वर्षों से जमे बाबुओं की भी सूची तैयार कराई जा रही है।
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