ब्लॉक प्रमुख चुनावः वाराणसी में भाजपा ने की प्रत्याशियों की घोषणा, एक दिन पहले पार्टी में शामिल होने वाले नेता की पत्नी को भी टिकट
ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब सपा भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गई है। उधर, सपा से एक दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रवेश पटेल की पत्नी को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है।
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ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन प्रक्रिया से ठीक एक दिन पहले वाराणसी में भाजपा ने अपने पत्ते खोलते हुए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। छह सीट पर प्रत्याशी घोषित किया और दो सीटें सहयोगी अपना दल के खाते में दी है। भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब सपा भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गई है। उधर, सपा से एक दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रवेश पटेल की पत्नी को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा की ओर से घोषित सूची में काशी विद्यापीठ ब्लाक से रेनू पटेल, चिरईगांव में अभिषेक सिंह चंचल, चोलापुर से लक्ष्मीना कनौजिया, पिंडरा में धर्मेंद्र कुमार विश्वकर्मा, सेवापुरी में रीना कुमारी और हरहुआ ब्लाक में विनोद कुमार उपाध्याय बबलू को प्रत्याशी बनाया गया है। इसमें सबसे अप्रत्याशित चोलापुर ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी का चयन रहा।
यहां बसपा एमएलसी विनीत सिंह के करीबी मिर्जापुर जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कनौजिया की भाभी को प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा एक दिन पहले ही सपा से भाजपा में शामिल प्रवेश पटेल की पत्नी को काशी विद्यापीठ ब्लाक से प्रत्याशी बनाया गया है।
भाजपा की निगाहें सपा की रणनीति पर
बीडीसी सदस्यों के बीच पैठ बनाने में जुटे दावेदार
आठों ब्लॉक में प्रमुख पद के दावेदार बीडीसी के बीच पैठ बनाने में जुटे हैं। इसके लिए ऐड़ी चोटी के जोर के साथ ही अब गुपचुप पार्टियों का भी दौर शुरू हो गया है। इसमें कई ब्लॉक में लड़ाई एकतरफा होने के चलते बीडीसी की पूछ कम है। जबकि जिन ब्लॉक में लड़ाई कांटे की हैं, वहां रिझाने का दौर भी परवान चढ़ रहा है। हालांकि ज्यादातर ब्लाक में दावेदारों ने अपनी रणनीति के अनुसार बीडीसी का समर्थन हासिल कर लिया है।
इसमें बीडीसी दूसरे पाले में न जाने में पाए इसके भी प्रबंध कर दिए गए हैं। हालांकि इस चुनाव परिणाम को रोहनिया, पिंडरा, अजगरा, सेवापुरी और शिवपुर विधानसभा में वर्चस्व से जोड़ा जा रहा है। फिलहाल यहां भाजपा के विधायक ही हैं, मगर विपक्षी दल भी इसी बहाने शक्ति प्रदर्शन के मूड में हैं।