वाराणसीः ब्लैक फंगस की मुफ्त दवा और जांच की मांग, मरीजों के परिजनों ने सीएमओ ऑफिस पर दिया धरना
परिजनों ने बताया कि राज्य सरकार ने घोषणा कर ब्लैक फंगस की दवा व जांच मुफ्त करने को कहा है। बीएचयू अस्पताल में भर्ती फंगस मरीजों को दवा और जांच मुफ्त हो रहा था। इस बीच 25 अगस्त से निशुल्क मिलने वाली दवाइयां और जांच बंद कर दी गईं।
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वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीजों के परिजनों ने मुफ्त दवा और जांच की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया। बीएचयू में भर्ती करीब 135 मरीजों के परिजनों ने बैनर-पोस्टर लेकर बीएचयू गेट से रैली निकाली। सभी दुर्गाकुंड स्थित सीएमओ कार्यालय पहुंचे और मुफ्त दवा एवं जांच की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए।
परिजनों ने बताया कि राज्य सरकार ने घोषणा कर ब्लैक फंगस की दवा व जांच मुफ्त करने को कहा है। बीएचयू अस्पताल में भर्ती फंगस मरीजों को दवा और जांच मुफ्त हो रहा था। इस बीच 25 अगस्त से निशुल्क मिलने वाली दवाइयां और जांच बंद कर दी गई। अब दवा और जांच के लिए पैसा देना पड़ रहा है। एक दिन की दवा और जांच का खर्च करीब छह हजार रुपये करीब आता है। ऐसे मरीजों की संख्या ज्यादा है जिनके परिजनों के पास पैसे नहीं हैं।
धरना पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि बीएचयू के डॉक्टर मुफ्त इलाज के संबंध में बात करने से मना कर देते हैं। डॉक्टरों का कहना रहता है कि दवा राज्य सरकार के निर्देश पर सीएमओ की तरफ से मुहैया कराई जाती है। सीएमओ ही इस समस्या पर कुछ कर सकते हैं। धरना पर बैठे लोगों ने इस बाबत सीएमओ से बात की तो उन्होंने फंड की कमी को कारण बताया।
बता दें कि बीएचयू में भर्ती मरीजों के परिजनों ने कई मौकों पर दवा और इंजेक्शन की किल्लत को लेकर धरना-प्रदर्शन किया है। बीते 18 अगस्त को भी ब्लैक फंगस के मरीजों के परिजनों ने दवा, इंजेक्शन के लिए बीएचयू एमएस ऑफिस पर प्रदर्शन किया था।
करीब घंटे भर तक प्रदर्शन के बाद सीएमओ ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पीएम के संसदीय कार्यालय में पीएम को संबोधित मांग पत्र देकर दवा, इंजेक्शन के साथ ही इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी।