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ब्लैक फंगस: समय से इलाज न होने पर जा सकती है आंखों की रोशनी, बीएचयू के डॉक्टर ने बताए लक्षण, इलाज और बचाव का तरीका

Wed, 19 May 2021 09:18 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 19 May 2021 09:18 AM IST
सार

वाराणसी में ब्लैक फंगस के 14 मरीज मिले हैं, जिनका बीएचयू अस्पताल में इलाज चल रहा है। बीएचयू नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर ने बताया कि इसका अगर समय पर इलाज न किया जाए तो मौत भी हो सकती है, या फिर आंखों की रोशनी भी जा सकती है। इस बीमारी का समय पर पहचानना जरूरी है।

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Black Fungus: eyesight can be lost if treatment not happen in time know about symptoms treatment and method of prevention
ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी में ब्लैक फंगस के बढ़ते मरीजों की संख्या को देख लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। केवल कोरोना संक्रमण ही नहीं बल्कि इससे ठीक होने के बाद भी बीमारी हो रही है। इसका नाक और मुंह के साथ-साथ आंखों में भी ज्यादा असर दिख रहा है। जरा सी लापरवाही से आंखों की रोशनी भी जा सकती है। बीएचयू नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर आरपी मौर्या का कहना है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर यह बीमारी नाक, मुंह के रास्ते आंख और फेफड़ों के साथ साथ ब्रेन तक भी पहुंच जाती है। सतर्कता ही बचाव का तरीका है।

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सवाल - ब्लैक फंगस होने की संभावना किन मरीजों में ज्यादा होती है।
जवाब - कैंसर रोगी, मधुमेह रोगी, स्टरॉयड और कैंसर की दवा का सेवन करने वाले लोगों में इसके होने की संभावना ज्यादा रहती है। ब्लैक फंगस होने का आंकड़ा 0.14 केस प्रति एक हजार था, लेकिन कोरोना काल में यह संख्या बढ़ गई है।
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सवाल - ब्लैक फंगस के लक्षण क्या-क्या हैं।
जवाब - सिर दर्द, नाक में जकड़न, आंख, नाक, चेहरे में दर्द, आंखों से धुंधला दिखना और कभी-कभी अचानक रोशनी समाप्त हो जाने जैसे लक्षण हैं। इसके अलावा बार-बार ऊपरी पलक का गिरना, नाक से बदबू आना और नाक व तालू पर घाव होना भी इसके लक्षण है।

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सवाल - ब्लैक फंगस क्या जानलेवा बीमारी है।
जवाब - जी हां, यह जानलेवा बीमारी है, लेकिन अगर समय रहते इसकी पहचान कर लें और तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। आंकड़ों के मुताबिक ब्लैक फंगस में मृत्यु दर 30 से 50 प्रतिशत तक है। यदि बीमारी शुरू होने के 6 दिन बाद इलाज शुरू किया जाता है तो मौत की संभावना है।

सवाल - बीएचयू में इस बीमारी के कितने मरीज हैं ?
जवाब - वैसे तो कुल 14 मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है। इनमें तीन तो नेत्र रोग विभाग में ही दिखाने आए थे, जिनकी आंखों की रोशनी धुंधली थी। उन्हें समय से जांच कराने की सलाह दी गई है। ताकि बेहतर इलाज किया जा सके। यहां वाराणसी ही नहीं गोरखपुर सहित अन्य जिलों के भी मरीज हैं।

सवाल - ब्लैक फंगस वाले मरीजों का इलाज कैसे होता है।
जवाब - सबसे पहले लक्षण दिखने पर सीटी स्कैन और एमआरआई कराना चाहिए। मरीजों को इंजेक्शन दिया जाता है। कभी-कभी फंगस इतना ज्यादा हो जाता है कि आंखों के साथ तालू को भी काटकर निकालना पड़ता है।

सवाल - इस बीमारी से कैसे बचा जा सकता है
जवाब - शुगर के मरीजों को लगातार शुगर की जांच कराते रहना चाहिए। कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन लेते समय सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। दिन में दो बार गरम पानी से गरारा करना चाहिए। हाई रिस्क पेशेंट को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला आहार लेना चाहिए।

यहां बता सकते है समस्या
अगर आपके मन में भी कोरोना संक्रमण या इससे जुड़े कोई सवाल या सुझाव हो तो आप व्हाट्सएप नंबर 7617566161 पर नाम, पता, उम्र के साथ सवाल लिखकर दे सकते हैं। हम डॉक्टर से बात कर जवाब प्रकाशित करेंगे।
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