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वाराणसी: पूजा के तेल पर नहीं मिला ब्लैक क्रॉस, कहीं खाने में न हो इस्तेमाल; कठोर विधिक कार्रवाई होगी

Sat, 10 Oct 2026 02:44 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 10 Oct 2026 02:44 PM IST
सार

वाराणसी में पूजा के तेल की गुणवत्ता जांच को लेकर सवाल उठे हैं। तेल पर ब्लैक क्रॉस का निशान नहीं मिलने से इसके इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, पूजा में इस्तेमाल होने वाले तेल को खाद्य तेल समझकर खाने में प्रयोग नहीं करना चाहिए। उपभोक्ताओं को तेल खरीदते समय लेबल और गुणवत्ता संबंधी जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

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Black Cross mark found oil meant for worship strict legal action taken prevent its potential use in food
जांच करते कर्मचारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

जिले में विभिन्न स्थानों पर पूजा के लिए घी, जल और तेल बनाया जा रहा था। वह खाने योग्य नहीं था और उस पर ब्लैक क्रॉस भी नहीं लगा हुआ था। खाद्य विभाग के प्रवर्तन दल ने शुक्रवार को जिले में 100 से अधिक स्थानों पर अभियान चलाकर इनकी बिक्री पर तत्काल रोक लगाई। साथ ही दुकानदारों को बिना ब्लैक क्रॉस के न बेचने की सलाह दी।

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जांच टीम ने सबसे पहले शिवपुर क्षेत्र स्थित राजेश केशरी के प्रतिष्ठान पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान दुकान में गोपाल भोग नाम से नॉन-एडिबल ऑयल (दीपक जलाने हेतु) का निर्माण और विक्रय पाया गया। मौके से 50 मिली क्षमता वाले 200 पाउच प्रति झोले के हिसाब से कुल 15 बैग बरामद किए गए। विनियम 2020 के तहत पूजा घी, पूजा जल एवं पूजा तेल के प्रत्येक खुदरा पैकेट पर काले रंग का क्रॉस चिह्न प्रदर्शित करना अनिवार्य है, ताकि उपभोक्ता इसे खाद्य तेल न समझें। इस नियम का अनुपालन न होने के कारण अधिकारियों ने पूरे स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी। 

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इसी क्रम में टीम ने जतनबर (बंगाली बाड़ा) स्थित बचाऊ केशरी के प्रतिष्ठान की पड़ताल की। वहां भंडारित साधना सुगंधित पूजा घी के कुल 315 डिब्बे (800 मिली के 30 पीस, 400 मिली के 60 पीस तथा 160 मिली के 225 पीस) पाए गए, जिनका कुल अनुमानित मूल्य 14,490 रुपये आंका गया। इन डिब्बों के लेबल पर भी अखाद्य होने से संबंधित ब्लैक क्रॉस का निशान नहीं था। 

स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। खाद्य उपयोग वाली सभी पूजा सामग्रियों और तेल-घी पर नियमों के अनुसार स्पष्ट रूप से ब्लैक क्रॉस का अंकन सुनिश्चित करें, अन्यथा भविष्य में कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - कौशलेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय

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