{"_id":"599c50c34f1c1ba53c8b456a","slug":"bjp-win-mau-district-panchyat-election-sp-loose","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" मऊः जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा की करारी हार, बागियों ने डुबोई लुटिया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मऊः जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा की करारी हार, बागियों ने डुबोई लुटिया
ब्यूरो,अमर उजाला,मऊ
Updated Wed, 23 Aug 2017 10:42 AM IST
विज्ञापन
भाजपा प्रत्याशी को 25 जिला पंचायत सदस्यों का मिला समर्थन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ जिला पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव को लेकर चल रही गहमागहमी मंगलवार को चुनाव परिणाम के बाद समाप्त हो गई। सपा की करारी हार हुई जबकि जीत का सेहरा भाजपा के सिर बंधा। इस चुनाव में सपा के बागियों ने ही उनकी लुटिया डुबोई। चुनाव परिणाम आने के बाद सपा के चार नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
भाजपा की उर्मिला जायसवाल के सिर जीत का सेहरा बंधा। इन्हें 34 जिला पंचायत सदस्यों में 25 का समर्थन मिला जब कि सपा की प्रत्याशी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशा यादव को महज नौ मतों से ही संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में सपा के ही बागी विद्युत प्रकाश यादव ने किंगमेकर की भूमिका निभाई।
बता दें कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशा यादव के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद पंचायत उप चुनाव की तिथि का इंतजार किया जा रहा था। 22 अगस्त को निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तिथि निर्धारित होने के बाद अंशा यादव तीसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पाने के लिए फिर से मैदान में उतरीं।
विज्ञापन
जिले में कुल जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 34 हैं। दोनों प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने पक्ष में सदस्यों को करने के लिए एड़ी से चोटी तक का पसीना बहा रहे हैं। पार्टीगत देखा जाए तो सपा का पलड़ा भारी था लेकिन पार्टी के अंदर ही भीतरघात के चलते सपा प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पड़ा।
पार्टी के बागी पूर्व ब्लाक प्रमुख विद्युत प्रकाश यादव न सिर्फ अविश्वास प्रस्ताव बल्कि चुनाव में भी विरोधी पार्टी की प्रत्याशी उर्मिला जायसवाल को जीताने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। उन्होंने 25 सदस्यों को अपने खेमे में कर लिया था।
इस प्रकार वह इस चुनाव में किंगमेकर की भूमिका में नजर आए हालांकि उन्हें अपनी पार्टी से निष्कासन का दंश झेलना पड़ा। उधर चुनाव परिणाम के बाद उर्मिला जायसवाल के समर्थकों ने जमकर मिठाइयां बांटी और विजय जुलूस निकालकर जीत का जश्न मनाया।
विज्ञापन
भाजपा की उर्मिला जायसवाल के सिर जीत का सेहरा बंधा। इन्हें 34 जिला पंचायत सदस्यों में 25 का समर्थन मिला जब कि सपा की प्रत्याशी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशा यादव को महज नौ मतों से ही संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में सपा के ही बागी विद्युत प्रकाश यादव ने किंगमेकर की भूमिका निभाई।
विज्ञापन
बता दें कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशा यादव के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद पंचायत उप चुनाव की तिथि का इंतजार किया जा रहा था। 22 अगस्त को निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तिथि निर्धारित होने के बाद अंशा यादव तीसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पाने के लिए फिर से मैदान में उतरीं।
विज्ञापन
जिले में कुल जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 34 हैं। दोनों प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने पक्ष में सदस्यों को करने के लिए एड़ी से चोटी तक का पसीना बहा रहे हैं। पार्टीगत देखा जाए तो सपा का पलड़ा भारी था लेकिन पार्टी के अंदर ही भीतरघात के चलते सपा प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पड़ा।
पार्टी के बागी पूर्व ब्लाक प्रमुख विद्युत प्रकाश यादव न सिर्फ अविश्वास प्रस्ताव बल्कि चुनाव में भी विरोधी पार्टी की प्रत्याशी उर्मिला जायसवाल को जीताने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। उन्होंने 25 सदस्यों को अपने खेमे में कर लिया था।
इस प्रकार वह इस चुनाव में किंगमेकर की भूमिका में नजर आए हालांकि उन्हें अपनी पार्टी से निष्कासन का दंश झेलना पड़ा। उधर चुनाव परिणाम के बाद उर्मिला जायसवाल के समर्थकों ने जमकर मिठाइयां बांटी और विजय जुलूस निकालकर जीत का जश्न मनाया।
सपा जिलाध्यक्ष बोले, हमें तो अपनों ने लूटा...
सपा के चार बागी नेताओं का निष्कासन
- फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में करारी हार के बाद सपा जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव ने विपक्षी खेमे में जाकर अपनी ही पार्टी के जिला पंचायत सदस्यों को वोट करने एवं कराने को लेकर चार नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया।
पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में संगठन के लोगों के साथ बातचीत कर उन्होंने पार्टी के पूर्व ब्लाक प्रमुख बड़रांव विद्युत प्रकाश यादव, जिला पंचायत सदस्य सुभाष यदुवंशी, देवनाथ यादव एवं अखिलेश सिंह राठौर को निष्कासित किया।
मंगलवार को जिला पंचायत का चुनाव परिणाम आने के बाद जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव ने शायराना अंदाज में कहा कि हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था। मेरी कश्ती डूबी वहां जहां पानी कम था।
अपनी पत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशा यादव के अविश्वास प्रस्ताव से लेकर चुनाव परिणाम की चर्चा की। कहा कि काफी पहले से ही पार्टी के चार लोग विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे।
पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में संगठन के लोगों के साथ बातचीत कर उन्होंने पार्टी के पूर्व ब्लाक प्रमुख बड़रांव विद्युत प्रकाश यादव, जिला पंचायत सदस्य सुभाष यदुवंशी, देवनाथ यादव एवं अखिलेश सिंह राठौर को निष्कासित किया।
मंगलवार को जिला पंचायत का चुनाव परिणाम आने के बाद जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव ने शायराना अंदाज में कहा कि हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था। मेरी कश्ती डूबी वहां जहां पानी कम था।
अपनी पत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशा यादव के अविश्वास प्रस्ताव से लेकर चुनाव परिणाम की चर्चा की। कहा कि काफी पहले से ही पार्टी के चार लोग विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे।