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Varanasi News: पूर्वांचल का किला और मजबूत करेगी भाजपा
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वाराणसी। यूपी के मिशन-80 को पूरा करने के लिए भाजपा पूर्वांचल का किला मजबूत करने में जुटेगी। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह काशी और गोरखपुर क्षेत्र की कमान संभालेंगे। हर घर तक पहुंचने का अभियान चलेगा। हारी हुई लोकसभा सीटों के समीकरण को समझने की रणनीति भी बनाई जा रही है।
भाजपा ने पूर्वांचल सहित प्रदेशभर भर की लोकसभा सीटों को तीन श्रेणियों में बांटा है। इसमें सुरक्षित, खतरनाक और बचाव वाली सीटों की अलग अगल सूची बनाई गई है। मऊ की घोसी, गाजीपुर और लालगंज सीट सेवर सूची में है। यहां वर्ष 2014 में भाजपा ने जीत हासिल की थी, लेकिन वर्ष 2019 में बदले समीकरण की वजह से हार का सामना करना पड़ा था। इसी तरह चंदौली और मछली शहर सहित कई सीटें डेंजर जोन में हैं। इन सीटों पर पार्टी को जीत मिली थी लेकिन अंतर कम था। चंदौली लोकसभा सीट से सांसद और केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय को जीत के लिए संघर्ष करना पड़ा था। ठीक यही स्थिति मछली शहर की थी।
विधानसभा चुनाव में लगा था झटका
2022 के विधानसभा चुनाव में वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल के 10 जिलों में भाजपा को झटका लगा था। भाजपा और उसके गठबंधन को 29 सीटें मिली थीं, जबकि सपा गठबंधन ने 31 सीटों पर जीत हासिल की थी। अब सुभासपा एनडीए का हिस्सा है। इससे समीकरण बदले हैं। पश्चिम के साथ ही पूर्वांचल की सियासी नब्ज पर मजबूत पकड़ रखने वाले महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह हारी हुई इन विधानसभाओं के एक एक बूथ की समीक्षा के साथ वहां के लिए रणनीति भी तैयार कर रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2017 में भाजपा गठबंधन को इन तीन मंडलों में 41 सीटों पर जीत मिली थी। इनमें भाजपा की 34 सीटें शामिल थीं। उस समय सहयोगी रही सुभासपा को तीन और अपना दल ने चार सीटों पर जीत हासिल की थी।
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भाजपा ने पूर्वांचल सहित प्रदेशभर भर की लोकसभा सीटों को तीन श्रेणियों में बांटा है। इसमें सुरक्षित, खतरनाक और बचाव वाली सीटों की अलग अगल सूची बनाई गई है। मऊ की घोसी, गाजीपुर और लालगंज सीट सेवर सूची में है। यहां वर्ष 2014 में भाजपा ने जीत हासिल की थी, लेकिन वर्ष 2019 में बदले समीकरण की वजह से हार का सामना करना पड़ा था। इसी तरह चंदौली और मछली शहर सहित कई सीटें डेंजर जोन में हैं। इन सीटों पर पार्टी को जीत मिली थी लेकिन अंतर कम था। चंदौली लोकसभा सीट से सांसद और केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय को जीत के लिए संघर्ष करना पड़ा था। ठीक यही स्थिति मछली शहर की थी।
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विधानसभा चुनाव में लगा था झटका
2022 के विधानसभा चुनाव में वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल के 10 जिलों में भाजपा को झटका लगा था। भाजपा और उसके गठबंधन को 29 सीटें मिली थीं, जबकि सपा गठबंधन ने 31 सीटों पर जीत हासिल की थी। अब सुभासपा एनडीए का हिस्सा है। इससे समीकरण बदले हैं। पश्चिम के साथ ही पूर्वांचल की सियासी नब्ज पर मजबूत पकड़ रखने वाले महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह हारी हुई इन विधानसभाओं के एक एक बूथ की समीक्षा के साथ वहां के लिए रणनीति भी तैयार कर रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2017 में भाजपा गठबंधन को इन तीन मंडलों में 41 सीटों पर जीत मिली थी। इनमें भाजपा की 34 सीटें शामिल थीं। उस समय सहयोगी रही सुभासपा को तीन और अपना दल ने चार सीटों पर जीत हासिल की थी।
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