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पिछला फार्मूला रिपीट, जिले में पिछड़े और शहर में अगले पर दाव
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वाराणसी। आगामी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि तैयार करने पर जुटी भारतीय जनता पार्टी ने संगठन चुनाव में अपने पुराने फार्मूले को रिपीट किया है। जिले की कमान पिछड़ा वर्ग और शहर में अगड़े समाज को नेतृत्व देकर पार्टी ने सर्वसमाज को साधने की कोशिश की है। बुधवार देर रात पार्टी की ओर से जारी चुनाव परिणाम में हंसराज विश्वकर्मा पर भरोसा जताते हुए उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया गया है। पुराने कार्यकर्ता विद्यासागर राय को नगरअध्यक्ष की कमान देकर पार्टी ने सामान्य वर्ग के साथ ही पुराने कार्यकर्ताओं को भी साधने की कोशिश की है।
भाजपा के संगठनात्मक चुनाव के तहत जिले में 50 से अधिक और शहर में करीब 25 नामांकन हुए थे। इस चुनाव के जरिए संगठन कार्यकर्ताओं में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जमीन भी तैयार करेगा। ऐसे में जिले में पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए हंसराज विश्वकर्मा पर दोबारा विश्वास जताया है। लोकसभा चुनाव में एलेक्शन एजेंट और भाजपा के सदस्यता अभियान के प्रभारी विद्यासागर राय को नगर अध्यक्ष बनाया गया है। यहां बता दें कि विद्यासागर राय ने अचानक संगठन चुनाव के अंतिम समय में नामांकन दाखिल किया था, तब उस वक्त ही इनका चयन तय माना जा रहा था। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विद्यासागर राय की ताजपोशी से पुराने भाजपाइयों को संगठन से जुड़ाव का संदेश दिया गया है। साथ ही नगर अध्यक्ष पद पर विद्यासागर के चयन से पार्टी ने कर्मठ कार्यकर्ताओं को भी साधने की कोशिश की है।
सफल चुनाव प्रबंधन का मिला इनाम
जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और नगर अध्यक्ष विद्यासागर राय की इस जीत के पीछे यह भी कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी जीत में दोनों नेताओं ने जो चुनाव प्रबंधन किया था, उसी का इनाम उन्हें मिला। विद्यासागर राय ने चुनाव एजेंट की भूमिका निभाई थी, जबकि कार्यकर्ताओं को जोड़े रखने में जिलाध्यक्ष का अहम योगदान रहा।
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भाजपा के संगठनात्मक चुनाव के तहत जिले में 50 से अधिक और शहर में करीब 25 नामांकन हुए थे। इस चुनाव के जरिए संगठन कार्यकर्ताओं में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जमीन भी तैयार करेगा। ऐसे में जिले में पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए हंसराज विश्वकर्मा पर दोबारा विश्वास जताया है। लोकसभा चुनाव में एलेक्शन एजेंट और भाजपा के सदस्यता अभियान के प्रभारी विद्यासागर राय को नगर अध्यक्ष बनाया गया है। यहां बता दें कि विद्यासागर राय ने अचानक संगठन चुनाव के अंतिम समय में नामांकन दाखिल किया था, तब उस वक्त ही इनका चयन तय माना जा रहा था। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विद्यासागर राय की ताजपोशी से पुराने भाजपाइयों को संगठन से जुड़ाव का संदेश दिया गया है। साथ ही नगर अध्यक्ष पद पर विद्यासागर के चयन से पार्टी ने कर्मठ कार्यकर्ताओं को भी साधने की कोशिश की है।
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सफल चुनाव प्रबंधन का मिला इनाम
जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और नगर अध्यक्ष विद्यासागर राय की इस जीत के पीछे यह भी कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी जीत में दोनों नेताओं ने जो चुनाव प्रबंधन किया था, उसी का इनाम उन्हें मिला। विद्यासागर राय ने चुनाव एजेंट की भूमिका निभाई थी, जबकि कार्यकर्ताओं को जोड़े रखने में जिलाध्यक्ष का अहम योगदान रहा।
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