संसद में उठा मुद्दा: भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्या ने उपला पाथने की विधि बताने वाले बीएचयू प्रोफेसर पर कार्रवाई की मांग की
बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्या ने 11 फरवरी को लोकसभा में सवाल उठाते हुए कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस देश को पुन: विश्वगुरू बनाने की ओर लगातार प्रयासरत हैं। वहीं बीएचयू में प्रोफेसर छात्रों को गोबर पाथने की विधि बता रहे हैं।
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बीएचयू परिसर में छात्रों को उपला पाथने की विधि बताने वाले सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्र विवादों में घिर गए हैं। भाजपा की सांसद संघमित्रा मौर्या ने लोकसभा में इस पर सवाल उठाते हुए इसे उच्च स्तर की शिक्षा लेने वाले छात्रों के प्रति निंदनीय व्यवहार बताया। साथ ही ऐसे प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।
विश्वविद्यालय में सामाजिक विज्ञान संकाय के तहत चलने वाले समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र में छात्रों को गाय के गोबर की उपली या गोहरी बनाने की ट्रेनिंग के लिए पिछले दिनों एक वर्कशॉप हुई। इसमें संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्रा ने छात्रों को उपला बनाने की ट्रेनिंग दी थी। इसकी फोटो भी उन्होंने अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट की थी।
बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्या ने 11 फरवरी को लोकसभा में सवाल उठाते हुए कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस देश को पुन: विश्वगुरू बनाने की ओर लगातार प्रयासरत हैं। वहीं यूपी में बीएचयू में हाल ही में सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख विश्वविद्यालय परिसर के अंदर छात्रों को गोबर के उपले बनाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं यानी गोबर पाथने की विधि बता रहे हैं।
सांसद ने यह भी कहा कि निश्चित तौर पर बीएचयू जैसे परिसर में यदि प्रोफेसर यह विधि बताएंगे तो अन्य विश्वविद्यालयों की हम कैसे उच्च स्तर की शिक्षा की बात कर सकते हैं। इस तरह छात्रों के प्रति व्यवहार निंदनीय और चिंतनीय है।
इस संबंध में सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्र का कहना है कि सामाजिक विज्ञान संकाय के तहत समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र के तहत छात्रों को गोबर पाथने की जानकारी दी जाती है। मेरे हिसाब से यह कहीं से गलत नहीं है। अब जिसको जो कहना है वो कहता रहे। केंद्र के तहत ग्रामीण विकास से जुड़ी हर जानकारी देना ही उद्देश्य है।